Articles by "ज्योतिष"

      


  📜««« आज का पञ्चांग »»»📜

              ।। 🕉 ।।

     🚩🌞 सुप्रभातम् 🌞🚩

कलियुगाब्द.........................5122

विक्रम संवत्........................2077

शक संवत्...........................1942

मास.....................................माघ

पक्ष....................................कृष्ण

तिथी..............................एकादशी

दुसरे दिन प्रातः 04.48 पर्यंत पश्चात द्वादशी

रवि...............................उत्तरायण

सूर्योदय............प्रातः 07.03.43 पर

सूर्यास्त............संध्या 06.18.18 पर

सूर्य राशि.............................मकर

चन्द्र राशि...........................वृश्चिक

गुरु राशि..............................मकर

नक्षत्र..................................ज्येष्ठा

दोप 04.09 पर्यंत पश्चात मूल

योग.................................व्याघात

दोप 01.56 पर्यंत पश्चात हर्षण

करण....................................बव

संध्या 05.37 पर्यंत पश्चात बालव

ऋतु..................................शिशिर

दिन..................................रविवार


🇬🇧 आंग्ल मतानुसार :-

07 फरवरी सन 2021 ईस्वी ।


☸ शुभ अंक..........................7

🔯 शुभ रंग.........................लाल


⚜️ अभिजीत मुहूर्त :-

दोप 12.18 से 01.03 तक ।


👁‍🗨 राहुकाल :-

संध्या 04.51 से 06.14 तक ।


🌞 उदय लग्न मुहूर्त :-

मकर

05:37:59 07:03:52

कुम्भ

07:03:52 08:58:45

मीन

08:58:45 10:29:53

मेष

10:29:53 12:10:36

वृषभ

12:10:36 14:09:13

मिथुन

14:09:13 16:22:54

कर्क

16:22:54 18:39:05

सिंह

18:39:05 20:50:54

कन्या

20:50:54 23:01:33

तुला

23:01:33 25:16:11

वृश्चिक

25:16:11 27:32:21

धनु

27:32:21 29:37:59


🚦 दिशाशूल :-

पश्चिमदिशा - यदि आवश्यक हो तो दलिया, घी या पान का सेवनकर यात्रा प्रारंभ करें । 


✡ चौघडिया :-

प्रात: 08.29 से 09.53 तक चंचल

प्रात: 09.53 से 11.16 तक लाभ

प्रात: 11.16 से 12.40 तक अमृत

दोप. 02.03 से 03.27 तक शुभ

सायं 06.14 से 07.50 तक शुभ

संध्या 07.50 से 09.26 तक अमृत

रात्रि 09.26 से 11.03 तक चंचल । 


📿 आज का मंत्रः

॥ ॐ महानादाय नम:॥


 संस्कृत सुभाषितानि :-

सुखार्थं सर्वभूतानां मताः सर्वाः प्रवृत्तयः ।

सुखं नास्ति विना धर्मं तस्मात् धर्मपरो भव ॥ 

अर्थात :-

सब प्राणियों की प्रवृत्ति सुख के लिए होती है, (और) बिना धर्म के सुख मिलता नहि । इस लिए, तू धर्मपरायण बन ।


🍃 आरोग्यं सलाह :-

जले हुए घाव के घरेलू उपचार :-


2. आलू का छिलका -

आलू ग्रह पर सबसे आम और महत्वपूर्ण खाद्य स्रोतों में से एक हैं। आलू के कई स्वास्थ्य और त्वचा संबंधित लाभ इस सब्जी को अधिक विशेष बनाते हैं। जले हुए घाव पर आलू या आलू का छिलका लगाने से जलन से राहत मिलेगी और ठंडक मिलेगी। इसके लिए आलू को दो भागों में काटकर उसे जख्म पर रखें। जलने के तुरंत बाद यह करना काफी लाभकारी होगा। 

           ⚜ आज का राशिफल :-

🐐 राशि फलादेश मेष :-

(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)

आपके कार्यों को समाज में प्रशंसा मिलेगी। भागीदारी में आपके द्वारा लिए गए निर्णयों से लाभ होगा। पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। शुभ समाचार मिलेंगे। मान बढ़ेगा। प्रसन्नता रहेगी। मन में उत्साह रहेगा, जिससे कार्य की गति बढ़ेगी।

🐂 राशि फलादेश वृष :-

(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)

रोजगार में वृद्धि होगी। यात्रा का शुभ योग होने के साथ ही कठिन कार्य में भी सफलता मिल सकेगी। पुराना रोग उभर सकता है। प्रयास सफल रहेंगे। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। रिश्तेदारों से संपत्ति संबंधी विवाद हो सकता है। व्यापार-नौकरी में लाभ होगा। 

👫🏻 राशि फलादेश मिथुन :-

(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)

किसी के भरोसे न रहकर अपना कार्य स्वयं करें। महत्वपूर्ण कार्यों में हस्तक्षेप से नुकसान की आशंका है। कष्ट, भय, चिंता व बेचैनी का माहौल बन सकता है। दु:खद समाचार मिल सकता है, धैर्य रखें। परिवार में तनाव रहेगा। व्यापार-व्यवसाय मध्यम रहेगा। 

🦀 राशि फलादेश कर्क :-

(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)

व्यवसाय ठीक चलेगा। अच्छे लोगों से भेंट होगी जो आपके हितचिंतक रहेंगे। योजनाएं फलीभूत होंगी। नौकरी में पदोन्नाति के योग हैं। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। आलस्य से बचकर रहें। परिवार की मदद मिलेगी।  

🦁 राशि फलादेश सिंह :-

(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। अर्थ संबंधी कार्यों में सफलता से हर्ष होगा। सुखद भविष्य का स्वप्न साकार होगा। विचारों से सकारात्मकता बढ़ेगी। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। दुस्साहस न करें। व्यापार में इच्छित लाभ होगा।

🙎🏻‍♀️ राशि फलादेश कन्या :-

(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)

कानूनी अड़चन दूर होगी। भौतिक सुख - सुविधाओं में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य संबंधी समस्या हल हो सकेगी। व्यापार - व्यवसाय अच्छा चलेगा। भ्रम की स्थिति बन सकती है। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। अपनी वस्तुएँ संभालकर रखें। रुका धन मिलेगा।  

 ⚖ राशि फलादेश तुला :-

(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)

विवाद को बढ़ावा न दें। मितव्ययिता को ध्यान में रखें। कुटुंबियों से संबंध सुधरेंगे। शत्रुओं से सावधान रहें। व्यापार लाभप्रद रहेगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। खर्चों में कमी करें। सश्रम किए गए कार्य पूर्ण होंगे।  

🦂 राशि फलादेश वृश्चिक :-

(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)

चोट व रोग से बचें। कार्य-व्यवसाय में लाभ होने की संभावना है। दांपत्य जीवन में अनुकूलता रहेगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कोर्ट व कचहरी के कार्य बनेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। सामाजिक समारोहों में भाग लेंगे। सुकर्मों के लाभकारी परिणाम मिलेंगे।

🏹 राशि फलादेश धनु :-

(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)

अधिकारी वर्ग विशेष सहयोग नहीं करेंगे। ऋण लेना पड़ सकता है। यात्रा आज नहीं करें। परिवार के कार्यों को प्राथमिकता दें। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। मान-सम्मान मिलेगा। नेत्र पीड़ा हो सकती है। आपकी बुद्धिमत्ता सामाजिक सम्मान दिलाएगी।

🐊 राशि फलादेश मकर :-

(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)

रोजगार में वृद्धि होगी। जोखिम न लें। अपने व्यसनों पर नियंत्रण रखें। पत्नी के बतलाए रास्ते पर चलने से लाभ की संभावना बनती है। यात्रा से लाभ। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा सफल रहेगी। वाहन-मशीनरी खरीदी के योग हैं। व्यवसाय में अड़चनें आएंगी। 

🏺 राशि फलादेश कुंभ :-

(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)

चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यावसायिक योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं हो पाएगा। परिवार की चिंता रहेगी। फालतू खर्च होगा। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। विवाद को बढ़ावा न दें। आय से व्यय अधिक होंगे। अजनबियों पर विश्वास से हानि हो सकती है।


🐋 राशि फलादेश मीन :-

(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। शत्रु सक्रिय रहेंगे। गर्व-अहंकार को दूर करें। राजनीतिक व्यक्तियों से लाभकारी योग बनेंगे। मनोबल बढ़ने से तनाव कम होगा। रोजगार में वृद्धि होगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। साझेदारी में नवीन प्रस्ताव प्राप्त हो सकेंगे।


☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।


।। 🐚 शुभम भवतु 🐚 ।।

दिवाली को लेकर लोग अभी से ही घरों की सफाई औऱ बाकि चीजों में जुट गए हैं ताकि त्योहार से पहले ही घर की साफ-सफाई हो जाए. इस साल 14 नवंबर को दिवाली है. 
ऐसे मे अपने घर की सफाई और बाकि चीजें ठीक करने करने के लिए आप भी जुट चुके होंगे.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दिवाली से पहले साफ- सफाई करने से घर में मां लक्ष्मी का वास होता है और घर के सभी सदस्यों पर मां की विशेष कृपा रहती है. वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में कुछ चीजों की टूट- फूट का होना खराब होता है. अगर आपके घर में कुछ सामान टूट गया है तो उसकी मरम्मत करवा लें औऱ अगर वो अब इस्तेमाल करने के लायक नहीं है तो उसे बाहर कर दें. 

इस दौरान आपको घर पर पेंट करवाना बेहद जरूरी है, इसके साथ ही घर के पुराने कपड़ों को हटा दें, ख़राब फर्नीचर को दुरुस्त करवा लें और खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान को भी घर से बाहर कर दें.


दान और स्नान की अमावस्या यानी कार्तिक माह की अमावस्या इस बार 15 तारीख को है. लेकिन दिवाली पर लक्ष्मी पूजन 14 नवंबर को ही किया जाएगा. दिवाली का त्योहार 14 नवम्बर को ही मनाया जाएगा.

ज्योतिषियों के मुताबिक 12 नवम्बर को रात 9 बजकर 30 मिनट से त्रयोदशी प्रारम्भ हो जाएगी और यह 13 नवम्बर की शाम 5 बजकर 59 मिनट तक रहेगी.

इसके बाद 14 नवम्बर को 1 बजकर 16 मिनट तक चतुर्दशी रहेगी और वहां से अमावस्या लागू हो जाएगी. इस वजह से 14 नवम्बर को ही लक्ष्मी पूजन किया जाएगा और दिवाली भी इस दिन मनाई जाएगी. हालांकि दान और स्नान 15 नवम्बर को ही किये जायेंगें.

दिवाली की पूजा रात में ही होती है इसलिए 14 नवबंर को दिवाली मनाई जाएगी. वहीं चतुर्दशी 13 से आंरभ होकर 14 तक रहेगी तो लक्ष्मी पूजन के दिन ही नरक चतुर्दशी भी मनाई जाएगी.

दिवाली पूजा मुहूर्त

दिवाली के लिए इस बार पूजा के लिए शाम में जल्दी ही मुहूर्त बताया गया है. शाम के 5 बजकर 40 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 15 मिनट का मुहूर्त सबसे ऊत्तम माना गया है. इस शुभ मुहूर्त के समय लक्ष्मी और गणेश पूजा की जा सकती है. इस बार छोटी दिवाली और बड़ी दिवाली की तिथि एक ही दिन पड़ने को शुभ माना जा रहा है.

क्यों मनाई जाती है दीवाली?

वैसे तो सर्वविदित है कि रावण को मारने के बीस दिन बाद भगवान श्रीराम दिवाली के दिन ही अयोध्या लौटे थे इसलिए उस दिन पूरी अयोध्या नगरी को दीपों से सजाया गया था और भगवान राम का स्वागत जगमगाती रौशनी से किया गया था. यही कारण मानते हुए इस दिन दिवाली मनाई जाती है.

मां लक्ष्मी को क्या पसंद है?

दिवाली की पूजा में प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. कहते हैं कि पूजा के दौरान मां लक्ष्मी घर आती हैं इसलिये द्वार पर भी रंग से देवी के पैरों की छाप एवं शुभ चिन्ह बनाये जाते हैं. भक्त तो अपनी तरफ से मां को प्रसन्न करने के लिए हरसंभव प्रयास करते हैं.

मां लक्ष्मी को 5 प्रकार के प्रयास काफी पसंद हैं ऐसा माना जाता है, इन पांच प्रसाद में मखाना, नारियल, पान, सिंघाड़ा और बताशे शामिल हैं. लोगों का मानना है कि मां लक्ष्मी को इन प्रसाद से प्रसन्न किया जा सकता है.

प्रत्येक वर्ष शारदीय नवरात्रि के समापन के साथ ही दशमी तिथि पर दशहरा का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन प्रभु श्रीराम की पूजा होती है और रावण के पुतले का दहन किया जाता है. लेकिन भारत में ऐसी कई जगह हैं, जहां रावण को जलाने की बजाए उसकी पूजा की जाती है.

उत्तर प्रदेश के बिसरख गांव में रावण का मंदिर बना हुआ है और यहां पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ लोग रावण की पूजा करते हैं. ऐसा माना जाता है कि बिसरख गांव रावण का ननिहाल था.

कहा जाता है कि मंदसौर का असली नाम दशपुर था और यह रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका था. ऐसे में मंदसौर रावण का ससुराल हुआ. इसलिए यहां दामाद के सम्मान की परंपरा के कारण रावण के पुतले का दहन करने की बजाय उसकी पूजा की जाती है.

मध्य प्रदेश के रावनग्राम गांव में भी रावन का दहन नहीं किया जाता है. यहां के लोग रावण को भगवान के रूप में पूजते हैं. इसलिए इस गांव में दशहरे पर रावण का दहन करने के बजाए उसकी पूजा की जाती है. इस गांव में रावण की विशालकाय मूर्ति भी स्थापित है.

राजस्थान के जोधपुर में भी रावण का मंदिर है. यहां के कुछ समाज विशेष के लोग रावण का पूजन करते हैं और खुद को रावण का वंशज मानते हैं. यही कारण है कि यहां लोग दशहरे के अवसर पर रावण का दहन करने की बजाए रावण की पूजा करते हैं.

आंध्रप्रदेश के काकिनाड में भी रावण का मंदिर बना हुआ है. यहां आने वाले लोग भगवान राम की शक्तियों को मानने से इनकार नहीं करते, लेकिन वे रावण को ही शक्ति सम्राट मानते हैं. इस मंदिर में भगवान शिव के साथ रावण की भी पूजा की जाती है.

कांगड़ा जिले के इस कस्बे में रावण की पूजा की जाती है. मान्यता है कि रावण ने यहां पर भगवान शिव की तपस्या की थी, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उसे मोक्ष का वरदान दिया था. यहां के लोगों की ये भी मान्यता है कि अगर उन्होंने रावण का दहन किया तो उनकी मौत हो सकती है. इस भय के कारण भी लोग रावण के दहन नहीं करते हैं बल्कि पूजा करते हैं.

अमरावती के गढ़चिरौली नामक स्थान पर आदिवासी समुदाय द्वारा रावण का पूजन होता है. कहा जाता है कि यह समुदाय रावण और उसके पुत्र को अपना देवता मानते हैं.

जानकारी का सोर्स- आज तक, फोटो- गूगल

हर घर में एक पूजा का स्थान होता है. हम सभी की कोशिश होती है कि पूजा घर में कोई कमी न रह जाए. पूजा घर की पवित्रता बनी रहे. लेकिन वास्तुशास्त्र के नियमों की जानकारी न होने की वजह से कई बार लोग पूजा घर से जुड़ी ऐसी गलतियां कर देते हैं जिनका परिणाम बेहद खतरनाक होता है.


हम आपको बता रहे हैं पूजा घर से जुड़े नियम जिनका जरूर पालन किया जाना चाहिए.


पूजा घर में एक ही देवी देवता की एक से अधिक प्रतिमाएं नहीं रखनी चाहिए. इससे घर के सदस्यों के बीच कलह उत्पन्न होती है. देवी-देवताओं की मूर्ति को कभी भी आमने-सामने मुख करने नहीं रखना चाहिए.


पूजा में देवी-देवताओं को फूल-माला अर्पित की जाती है. अक्सर लोग फूल-माला चढ़ाने के बाद उसे हटाना भूल जाते हैं, और वे मंदिर में पड़े-पड़े ही सूख जाती हैं. इसे शुभ नहीं माना जाता है. सुबह के समय चढ़ाए गए फूल और मालाओं को शाम से पहले ही पूजाघर से हटा देना चाहिए.


पूजा घर में कभी भी खंडित (टूटी) हुई मूर्ति नहीं रखनी चाहिए. मान्यता है कि कि मंदिर में खंडित मूर्ति रखने से हमारा ध्यान पूजा से भटकता है जिसके कारण पूजा का पूरा फल प्राप्त नहीं होता है. खंडित मूर्तियों को बहते जल में प्रवाहित कर देना चाहिएE या किसी पीपल के वृक्ष के नीचे रख देना चाहिए.


मंदिर में सभी लोग दीपक प्रज्वलित करते हैं, लेकिन दीपक कहीं से थोड़ा सा भी खंडित हो जाए, तो भी उससे पूजा नहीं करनी चाहिए. ऐसा करना अशुभ माना जाता है.


तुलसी के पत्ते कभी बासी नहीं माने जाते हैं लेकिन जब किसी वजह से आप तुलसी नहीं तोड़ सकते हों तभी बसी पत्तों का पूजा में इस्तेमाल करें. लेकिन कुछ लोग तुलसी के पत्तों को पहले से ही तोड़ कर रख लेते हैं और सूखे हुए तुलसी के पत्ते भगवान को अर्पित करते हैं. ऐसा करना शुभ नहीं होता है.

चाणक्य एक कुशल शिक्षक होने के साथ साथ एक योग्य अर्थशास्त्री भी थे. चाणक्य को अर्थशास्त्र का गहरा ज्ञान था. व्यक्ति के जीवन में धन का विशेष महत्व है. चाणक्य ने धन और वाणिज्य यानि व्यापार के बारे में भी अपनी चाणक्य नीति में बताया है. चाणक्य के अनुसार व्यापार के क्षेत्र में जो लोग सक्रिय हैं उन्हें कुछ बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए.


सफल व्यवसायी जोखिम लेने से नहीं घबराते


चाणक्य के अनुसार सफल बिजनेसमैन वही है जो जोखिम लेने के लिए सदैव तैयार रहता है. चाणक्य के अनुसार व्यापार जोखिम का क्षेत्र है. सही समय पर जो भविष्य को ध्यान में रखकर जोखिम उठाने से नहीं घबराता है वही व्यक्ति सफल व्यापारी कहलाता है.


साहसी व्यक्ति ही सफल बिजनेस मैन होता है


चाणक्य के अनुसार व्यापारी को साहसी होना चाहिए. अपने व्यापार या बिजनेस को स्थापित या बढ़ाने के लिए यदि सात समंदर पार भी जाना पड़े तो व्यापारी को इसके लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए. चाणक्य की चाणक्य नीति कहती है व्यापारी के लिए कोई सीमाएं नहीं होती हैं. जो व्यापारी इस स्थिति के लिए तैयार रहता है उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है.


रणनीति बनाकर कार्य करें, बिना योजना न करें


चाणक्य के अनुसार जो व्यापारी रणनीति बनाकर अपने कार्यों को करता है उसे देर सबेर सफलता मिलती ही मिलती है. बिना योजना के कोई भी कार्य आरंभ नहीं करना चाहिए. जो बिना योजना के जो कार्य करते हैं उन्हे सफलता प्राप्त करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है.


अनुशासन और कठोर परिश्रम से मिलती है सफलता


चाणक्य के अनुसार जो व्यक्ति अनुशासन का पालन करता है और सदैव कठोर परिश्रम के लिए तैयार रहता है उसे भला सफल होने से कौन रोक सकता है. चाणक्य नीति कहती है कि सफलता की दिशा में पहला कदम कठोर परिश्रम है. परिश्रम की भावना अनुशासन से आती है. अनुशासन से ही परिश्रम का सार्थक फल प्राप्त होता है.

हर घर में एक पूजा का स्थान होता है. हम सभी की कोशिश होती है कि पूजा घर में कोई कमी न रह जाए. पूजा घर की पवित्रता बनी रहे. लेकिन वास्तुशास्त्र के नियमों की जानकारी न होने की वजह से कई बार लोग पूजा घर से जुड़ी ऐसी गलतियां कर देते हैं जिनका परिणाम बेहद खतरनाक होता है.

हम आपको बता रहे हैं पूजा घर से जुड़े नियम जिनका जरूर पालन किया जाना चाहिए.

पूजा घर में एक ही देवी देवता की एक से अधिक प्रतिमाएं नहीं रखनी चाहिए. इससे घर के सदस्यों के बीच कलह उत्पन्न होती है. देवी-देवताओं की मूर्ति को कभी भी आमने-सामने मुख करने नहीं रखना चाहिए.

पूजा में देवी-देवताओं को फूल-माला अर्पित की जाती है. अक्सर लोग फूल-माला चढ़ाने के बाद उसे हटाना भूल जाते हैं, और वे मंदिर में पड़े-पड़े ही सूख जाती हैं. इसे शुभ नहीं माना जाता है. सुबह के समय चढ़ाए गए फूल और मालाओं को शाम से पहले ही पूजाघर से हटा देना चाहिए.

पूजा घर में कभी भी खंडित (टूटी) हुई मूर्ति नहीं रखनी चाहिए. मान्यता है कि कि मंदिर में खंडित मूर्ति रखने से हमारा ध्यान पूजा से भटकता है जिसके कारण पूजा का पूरा फल प्राप्त नहीं होता है. खंडित मूर्तियों को बहते जल में प्रवाहित कर देना चाहिएE या किसी पीपल के वृक्ष के नीचे रख देना चाहिए.

मंदिर में सभी लोग दीपक प्रज्वलित करते हैं, लेकिन दीपक कहीं से थोड़ा सा भी खंडित हो जाए, तो भी उससे पूजा नहीं करनी चाहिए. ऐसा करना अशुभ माना जाता है.

तुलसी के पत्ते कभी बासी नहीं माने जाते हैं लेकिन जब किसी वजह से आप तुलसी नहीं तोड़ सकते हों तभी बसी पत्तों का पूजा में इस्तेमाल करें. लेकिन कुछ लोग तुलसी के पत्तों को पहले से ही तोड़ कर रख लेते हैं और सूखे हुए तुलसी के पत्ते भगवान को अर्पित करते हैं. ऐसा करना शुभ नहीं होता है.

नवरात्रि का पर्व इस बार अधिकमास के कारण पितृपक्ष के अगले दिन शुरु नहीं होगा. अधिक मास पड़ने के कारण अब नवरात्रि का पर्व 17 अक्टूबर 2020 से शुरू होगा. हिंदू पंचांग के अनुसार ऐसा संयोग 19 साल बाद बन रहा है. इससे पहले वर्ष 2001 में भी हुआ था.

पंचांग के अनुसार आश्विन मास की अमावस्या तिथि यानी सर्व पितृ अमावस्या के दिन महालया मनाई जाती है. महालया अमावस्या की खत्म होने के बाद शारदीय नवरात्रि शुरू हो जाते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है. महालया के दिन मां दुर्गा से पृथ्वी पर आने की प्रार्थना की जाती है. इस वर्ष अधिक मास यानि मलमास के कारण ये एक माह बाद यानि 17 अक्टूबर को आएगा. इसलिए नवरात्रि का पर्व इस वर्ष 17 अक्टूबर 2020 से 25 अक्टूबर 2020 तक मनाया जाएगा.

नवरात्रि में आरंभ हो जाएंगे शुभ कार्य

नवरात्रि का पर्व आरंभ होते हैं शुभ कार्यों की भी शुरूआत हो जाएगी. मलमास में शुभ कार्यों को वर्जित माना गया है. मलमास में शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं. लेकिन नवरात्रि आरंभ होते ही नई वस्तुओं की खरीद, मुंडन कार्य, ग्रह प्रवेश जैसे शुभ कार्य आरंभ हो जाएंगे. लेकिन शादी विवाह देवउठनी एकादशी तिथि के बाद ही आरंभ होंगे. नवरात्रि में देरी के कारण इस बार दीपावली 14 नवंबर को मनाई जाएगी.

नवरात्रि पर दुर्गा पूजन का कार्यक्रम

पंचांग के अनुसार नवरात्रि का पर्व आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ होगा, जो 17 अक्टूब को पड़ रही है. इस दिन सूर्य कन्या राशि में चंद्रमा तुला राशि में विराजमान रहेंगे.नवरात्रि के प्रथम दिन घटस्थापना का शुभ मुहूर्त प्रात: 6 बजकर 23 मिनट से प्रात: 10 बजकर 12 मिनट तक है.

नवरात्रि का तिथि वार पूजा कार्यक्रम-

17 अक्टूबर: प्रतिपदा घटस्थापना
18 अक्टूबर: द्वितीया मां ब्रह्मचारिणी पूजा
19 अक्टूबर: तृतीय मां चंद्रघंटा पूजा
20 अक्टूबर: चतुर्थी मां कुष्मांडा पूजा
21 अक्टूबर: पंचमी मां स्कंदमाता पूजा
22 अक्टूबर: षष्ठी मां कात्यायनी पूजा
23 अक्टूबर: सप्तमी मां कालरात्रि पूजा
24 अक्टूबर: अष्टमी मां महागौरी दुर्गा महा नवमी पूजा दुर्गा महा अष्टमी पूजा
25 अक्टूबर:  नवमी मां सिद्धिदात्री नवरात्रि पारण विजय दशमी

8 सितंबर 2020 से मलमास की शुरुआत हो चुकी है. जिस तरह से पितृपक्ष का समय पितरों का समय होता है और इस दौरान किए जाने वाले सभी कार्य पितरों को समर्पित होते हैं वैसे ही एक महीने के मलमास का यह समय पूजा-पाठ का समय होता है. इस एक महीने के मलमास के दौरान भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है. चूंकि भगवान विष्णु ने इस महीने को अपना नाम दिया था जिसकी वजह से इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है.

इसलिए मलमास का यह समय भगवान विष्णु की भक्ति के लिए समर्पित माना जाता है. इस मलमास में किए जाने वाले कई ऐसे कार्य हैं कि जिनको करने से हमें भगवान श्रीहरि का आशीर्वाद मिलता है और हमें परमसुख की प्राप्ति होती है. 

ऐसी मान्यता है कि पीला रंग भगवान विष्णु को अत्यधिक पसंद है. इसलिए मलमास के इस महीने में भगवान विष्णु को पीले रंग की ही वस्तुएं ही चढ़ाना चाहिए. जैसे कि पीले पुष्प, पीले फल, पीले वस्त्र आदि. जिसे बाद में दान कर देना चाहिए.

भगवान विष्णु को तुलसी अधिक प्रिय होने के कारण पूरे मलमास में गाय के घी के दीपक तुलसी के पेड़ के सामने जलाना चाहिए. दीपक जलाने के बाद ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः’ मंत्र का जप करते हुए तुलसी के पेड़ की 11 बार परिक्रमा करना चाहिए.

पूरे मलमास के समय ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि करने के बाद केसर युक्त दूध से भगवान विष्णु का अभिषेक करना चाहिए इसके बाद ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः’ मंत्र का 11 बार जाप करना चाहिए.

पूरे मलमास के दौरान पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना चाहिए और गाय के घी का दीपक जलाना चाहिए क्योंकि पीपल के वृक्ष में भगवान विष्णु का वास माना जाता है.

पूरे मलमास की अवधि में रोज सूर्य भगवान को जल चढ़ाना चाहिए. जल चढ़ाते समय भगवान विष्णु का ध्यान करते रहना चाहिए.

ऐसा कहा गया है कि मलमास की अवधि के दौरान दक्षिणवर्ती शंख की पूजा करनी चाहिए. ऐसा करने से भगवान विष्णु के साथ ही साथ माता लक्ष्मी का भी आशीर्वाद मिलता है.

मलमास की नवमी तिथि को कन्याओं को भोजन करवाने से भी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

चाणक्य एक कुशल शिक्षक होने के साथ साथ एक योग्य अर्थशास्त्री भी थे. चाणक्य को अर्थशास्त्र का गहरा ज्ञान था. व्यक्ति के जीवन में धन का विशेष महत्व है. चाणक्य ने धन और वाणिज्य यानि व्यापार के बारे में भी अपनी चाणक्य नीति में बताया है. चाणक्य के अनुसार व्यापार के क्षेत्र में जो लोग सक्रिय हैं उन्हें कुछ बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

सफल व्यवसायी जोखिम लेने से नहीं घबराते

चाणक्य के अनुसार सफल बिजनेसमैन वही है जो जोखिम लेने के लिए सदैव तैयार रहता है. चाणक्य के अनुसार व्यापार जोखिम का क्षेत्र है. सही समय पर जो भविष्य को ध्यान में रखकर जोखिम उठाने से नहीं घबराता है वही व्यक्ति सफल व्यापारी कहलाता है.

साहसी व्यक्ति ही सफल बिजनेस मैन होता है

चाणक्य के अनुसार व्यापारी को साहसी होना चाहिए. अपने व्यापार या बिजनेस को स्थापित या बढ़ाने के लिए यदि सात समंदर पार भी जाना पड़े तो व्यापारी को इसके लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए. चाणक्य की चाणक्य नीति कहती है व्यापारी के लिए कोई सीमाएं नहीं होती हैं. जो व्यापारी इस स्थिति के लिए तैयार रहता है उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है.

रणनीति बनाकर कार्य करें, बिना योजना न करें

चाणक्य के अनुसार जो व्यापारी रणनीति बनाकर अपने कार्यों को करता है उसे देर सबेर सफलता मिलती ही मिलती है. बिना योजना के कोई भी कार्य आरंभ नहीं करना चाहिए. जो बिना योजना के जो कार्य करते हैं उन्हे सफलता प्राप्त करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

अनुशासन और कठोर परिश्रम से मिलती है सफलता

चाणक्य के अनुसार जो व्यक्ति अनुशासन का पालन करता है और सदैव कठोर परिश्रम के लिए तैयार रहता है उसे भला सफल होने से कौन रोक सकता है. चाणक्य नीति कहती है कि सफलता की दिशा में पहला कदम कठोर परिश्रम है. परिश्रम की भावना अनुशासन से आती है. अनुशासन से ही परिश्रम का सार्थक फल प्राप्त होता है.

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Last Updated: Mom,14 Sep 2020; 08:33:00 AM

                 ।। 🕉 ।।
        🚩🌞 सुप्रभातम्🌞
   📜««« आज का पञ्चांग»»»📜

  • कलियुगाब्द.......................5122
    विक्रम संवत्......................2077
    शक संवत्.........................1942
    रवि............................दक्षिणायन
    मास...............................अश्विन
    पक्ष..................................कृष्ण
    तिथी..............................द्वादशी
    रात्रि 01.25 पर्यंत पश्चात त्रयोदशी
    सूर्योदय..........प्रातः 06.13.33 पर
    सूर्यास्त..........संध्या 06.31.41 पर
    सूर्य राशि............................सिंह
    चन्द्र राशि...........................कर्क
    गुरु राशि.............................धनु
    नक्षत्र................................पुष्य
    दोप 03.43 पर्यंत पश्चात अश्लेषा
    योग................................परिघ
    दोप 01.40 पर्यंत पश्चात शिव
    करण.............................कौलव
    दोप 01.40 पर्यंत पश्चात तैतिल
    ऋतु................................शरद
    दिन.............................सोमवार

🇬🇧 आंग्ल मतानुसार :-
14सितम्बर सन 2020 ईस्वी ।
 

🍃 आरोग्यं :-
गले मे खराश, दर्द, सूजन के उपचार -

1) गुनगुने पानी में नमक मिला कर दिन में दो-तीन बार गरारे करें। गरारे करने के तुरन्त बाद कुछ ठंडा न लें। गुनगुना पानी पिएं जिससे गले को आराम मिलेगा।

2) कच्चा सुहागा आधा ग्राम मुंह में रखें और उसका रस चुसते रहें। दो तीन घण्टों मे ही गला बिलकुल साफ हो जाएगा।

3) सोते समय एक ग्राम मुलहठी की छोटी सी गांठ मुख में रखकर कुछ देर चबाते रहे। फिर मुंह में रखकर सो जाए। सुबह तक गला साफ हो जायेगा। मुलहठी चूर्ण को पान के पत्ते में रखकर लिया जाय तो और भी अच्छा रहेगा। इससे सुबह गला खुलने के साथ-साथ गले का दर्द और सूजन भी दूर होती है।

4) रात को सोते समय सात काली मिर्च और उतने ही बताशे चबाकर सो जायें। बताशे न मिलें तो काली मिर्च व मिश्री मुंह में रखकर धीरे-धीरे चूसते रहने से बैठा गला खुल जाता है।

⚜ आज का राशिफल :-

🐏 राशि फलादेश मेष :-
(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)
आत्मसम्मान बना रहेगा। भाइयों का सहयोग मिलता रहेगा। कारोबार अच्छा चलेगा। बड़े फैसले ले पाएंगे। अच्छी खबर प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। हल्की हंसी-मजाक से बचें। शत्रु प्रताड़ित कर सकते हैं। लाभ होगा।

🐂 राशि फलादेश वृष :-
(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
व्यापार की दृष्टि से की गई यात्रा सफल रहेगी। नौकरी में सम्मान मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। कारोबारी नए अनुबंध हो सकते हैं। जोखिम न लें। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि लाभदायक रहेंगे। शुभ समय का लाभ लें।

👫🏻 राशि फलादेश मिथुन :-
(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
कार्यकुशलता में कमी होगी। व्ययवृद्धि से तनाव रहेगा। विवेक का प्रयोग करें। आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। महत्वपूर्ण निर्णय लेने की स्थिति में जल्दबाजी न करें। भावना में न बहें। आय बनी रहेगी। जोखिम न उठाएं।

🦀 राशि फलादेश कर्क :-
(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
नए काम मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। घर-बाहर सभी ओर से सहयोग व प्रसन्नता प्राप्त होगी। व्यावसायिक यात्रा लंबी व सफल रहेगी। रुका हुआ पैसा मिल सकता है। शेयर मार्केट में जल्दबाजी न करें। जोखिम व जमनत के कार्य टालें। लाभ होगा।

🦁 राशि फलादेश सिंह :-
(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
मित्रों व रिश्तेदारों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापारिक लाभ में वृद्धि होगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। जोखिम न लें। आर्थिक उन्नति के लिए किए गए निर्णयों का लाभ मिलना शुरू हो सकता है। शारीरिक कष्ट संभव है। प्रसन्नता बनी रहेगी। निवेश शुभ रहेगा।

🙎🏻‍♀️ राशि फलादेश कन्या :-
(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
किसी विवाद में अपना पक्ष मजबूती से रख पाएंगे। प्रतिद्वंद्वी सक्रिय रहेंगे। आय में वृद्धि होगी। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। रुके काम अनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। किसी अनजान व्यक्ति की बातों में न आएं। सावधान रहें।

⚖ राशि फलादेश तुला :-
(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
शारीरिक हानि की आशंका है। दूसरों के बहकावे में न आकर स्वयं निर्णय लें। कारोबार अच्‍छा चलेगा। वाहन, मशीनरी व अग्नि आदि के प्रयोग में अतिरिक्त सावधानी रखें, विशेषकर गृहिणियां घर में कार्य करने वक्त लापरवाही न करें। लाभ होगा।

राशि फलादेश वृश्चिक :-
(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
किसी बड़े विवाद का हल प्राप्त होगा। विजय प्राप्त होगी। विवाह के उम्मीदवारों को वैवाहिक प्रस्ताव प्राप्त हो सकता है। धन प्राप्ति सुगम होगी। जल्दबाजी न करें। राजकीय कार्यों में विशेष सफलता के योग हैं। व्यस्तता के चलते थकान रह सकती है।

🏹 राशि फलादेश धनु :-
(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)
स्थायी संपत्ति के सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। नए काम मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें। सम्मान में कमी हो सकती है।

🐊 राशि फलादेश मकर :-
(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)
विद्यार्थी वर्ग अपना कार्य कुशलता से कर पाएंगे। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। मन में नए विचार आएंगे। स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठा पाएंगे। विवाह के उम्मीदवारों को वैवाहिक प्रस्ताव प्राप्त हो सकता है। यात्रा मनोरंजक रहेगी। धनार्जन होगा।

🏺 राशि फलादेश कुंभ :-
(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
अतिउत्साह में कोई गलत निर्णय न लें। बुरी खबर मिल सकती है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। यथासंभव यात्रा टालें। दौड़धूप अधिक होने से थकान व कमजोरी रह सकती है। जोखिम न लें। आय बनी रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा।

🐋 राशि फलादेश मीन :-
(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
नौकरी में नए प्रयोग करने का अवसर प्राप्त हो सकता है। धन प्राप्ति सुगम होगी। जल्दबाजी न करें। चोट लगने की आशंका है। थोड़े प्रयास से ही काम पूरे होंगे। प्रसन्नता रहेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। प्रमाद न करें।

☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।

     ।। शुभम भवतु ।।
🇮🇳🇮🇳 भारत माता की जय 🚩🚩
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
आचार्य पंडित राज कुमार तिवारी
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)


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Last Updated: Sun,13 Sep 2020; 07:04:00 AM


  📜««« आज का पञ्चांग »»»📜
  • कलियुगाब्द.........................5122
  • विक्रम संवत्........................2077
  • शक संवत्...........................1942
  • मास..................................अश्विन
  • पक्ष....................................कृष्ण
  • तिथी.............................एकादशी
  • रात्रि 03.१३ पर्यंत पश्चात द्वादशी
  • रवि.............................दक्षिणायन
  • सूर्योदय...........प्रातः 06.13.15 पर
  • सूर्यास्त..........संध्या 06.32.46 पर
  • सूर्य राशि...............................सिंह
  • चन्द्र राशि...........................मिथुन
  • गुरु राशि................................धनु
  • नक्षत्र................................पुनर्वसु
  • दोप 04.24 पर्यंत पश्चात पुष्य
  • योग...................................वरिघ
  • दोप 03.51 पर्यंत पश्चात परिघ
  • करण...................................बव
  • दोप 03.45 पर्यंत पश्चात बालव
  • ऋतु....................................शरद
  • दिन.................................रविवार
  • 🇬🇧 आंग्ल मतानुसार :-
  • 13 सितम्बर सन 2020 ईस्वी ।
  • ☸ शुभ अंक..........................4
  • 🔯 शुभ रंग.........................लाल
  • अभिजीत मुहूर्त :-
  • दोप 11.58 से 12.46 तक ।
  • 👁‍🗨 राहुकाल :-
  • संध्या 04.57 से 06.28 तक ।
  • 🌞 उदय लग्न मुहूर्त :-
  • सिंह
  • 04:18:37 06:30:30
  • कन्या

          🍃 आरोग्यं सलाह :-

  • अनानास के कुछ औषधीय गुण :-
  • १- अनानास फल के रस में मुलेठी, बहेड़ा और मिश्री मिलाकर सेवन करने से दमे और खाँसी में लाभ होता है|
  • २- यदि शरीर में खून की कमी हो तो अनानास खाने व रस पीने से बहुत लाभ होता है | इसके सेवन से रक्तवृद्धि होती है और पाचनक्रिया तेज़ होती है |
  • ३- अनानास के पके फल के बारीक टुकड़ों में सेंधानमक और कालीमिर्च मिलाकर खाने से अजीर्ण दूर होता है |
  • ४- अनानास के पत्तों का काढ़ा बनाकर उसमें बहेड़ा और छोटी हरड़ का चूर्ण मिलाकर देने से अतिसार और जलोदर में लाभ होता है |

             ⚜ आज का राशिफल :-

🐏 राशि फलादेश मेष :-
(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)
घर में अतिथियों का आगमन होगा। व्यय होगा। आत्मसम्मान बना रहेगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। विवाद को बढ़ावा न दें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। प्रसन्नता में वृद्धि होगी।

🐂 राशि फलादेश वृष :-
(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
यात्रा लाभदायक रहेगी। नवीन वस्त्राभूषण पर व्यय हो सकता है। कोई बड़ा लाभ होने के योग हैं। जोखिम न लें। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। समय की अनुकूलता का लाभ लें। प्रमाद न कर प्रयास भरपूर करें। घर-बाहर वातावरण सुखद रहेगा।

👫🏻 राशि फलादेश मिथुन :-
(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
विवेक से कार्य करें। लेन-देन में सावधानी रखें। विवाद को बढ़ावा न दें। मानसिक ऊहापोह बनी रहेगी। फालतू खर्च होगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कुसंगति से बचें। कारोबार ठीक चलेगा। नौकरी में अपेक्षाएं बढ़ सकती हैं।

🦀 राशि फलादेश कर्क :-
(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
नए काम हाथ में आएंगे। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि मनोनुकूल लाभ देगा। लंबी दूरी की यात्रा सफल रहेगी। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। नए लोगों से संपर्क लाभदायी रहेगा। जोखिम न उठाएं।

🦁 राशि फलादेश सिंह :-
(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
रिश्तेदारों तथा मित्रों का सहयोग करने का अवसर प्राप्त होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ सकता है। आर्थिक नीति में सुधार होगा। कार्यस्थल पर परिवर्तन की संभावना है। कारोबार अच्छा चलेगा। स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें। जोखिम न उठाएं।

🙎🏻‍♀️ राशि फलादेश कन्या :-
(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति लाभदायक बनेगी। नए कार्य मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। तंत्र-मंत्र में रुचि जागृत होगी। किसी विशेष व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त हो सकता है। पारिवारिक सहयोग मिलता रहेगा। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि चिंता देगी।

⚖ राशि फलादेश तुला :-
(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
अपेक्षाकृत कार्यों में विलंब होगा। तनाव रहेगा। पुराना रोग उभर सकता है। व्यापार की गति धीमी रह सकती है। चोट व दुर्घटना से शारीरिक हानि हो सकती है। लापरवाही से बचें। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। समय नेष्ट है। नौकरी में कार्यभार रहेगा। विवाद न करें।

🦂 राशि फलादेश वृश्चिक :-
(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
भाग्य का साथ रहेगा। प्रेम-प्रसंग सुदृढ़ होंगे। पार्टनरों से मतभेद दूर होंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। काफी समय से लंबित कार्य पूर्ण होने के योग हैं। भरपूर प्रयास करें। आशंका का निवारण होगा।

🏹 राशि फलादेश धनु :-
(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)
कारोबार से बड़ा लाभ हो सकता है। रोजगार में वृद्धि होगी। पारिवारिक सहयोग से काम बनते चले जाएंगे। जीवन सुखमय गुजरेगा। किसी अपने ही व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। भूमि व भवन आदि की खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। विवाद की स्थिति को टालें।

🐊 राशि फलादेश मकर :-
(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)
पार्टी व पिकनिक व स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। संगीत व चित्रकारी आदि में रुचि जागृत होगी। जीवनसाथी के सहयोग से प्रसन्नता में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। नौकरी में नया कार्य कर पाएंगे।

 राशि फलादेश कुंभ :-
(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
शोक समाचार की प्राप्ति की संभावना है, धैर्य रखें। विवाद को बढ़ावा न दें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। मेहनत अधिक होगी। थकान व कमजोरी रह सकती है। स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें। यात्रा में अनावश्यक जोखिम न लें। आय बनी रहेगी।

🐋राशि फलादेश मीन :-
*(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। सहकर्मी साथ देंगे। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। मेहनत का फल मिलेगा। नौकरी में जवाबदारी बढ़ सकती है। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। प्रसन्नता रहेगी।

आज  का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।

।। शुभम भवतु ।।
🇮🇳भारत माता की जय 🚩
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
आचार्य पंडित राज कुमार तिवारी
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)

मेष :-
चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ

किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। दुष्टजनों से बचकर रहें। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। बेचैनी रह सकती है। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। परिवार में कोई मांगलिक कार्य संभव है।

वृष :-
ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। भाग्य का साथ रहेगा। प्रतिद्वंद्वी सक्रिय रहेंगे। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। किसी बड़ी समस्या का हल सहज ही होगा। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। प्रसन्नता रहेगी।

मिथुन :-
का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। महत्वपूर्ण निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। वाणी पर नियंत्रण रखें। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। नौकरी में कार्यभार रहेगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। अप्रत्याशित‍ खर्च सामने आएंगे। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। 

कर्क :-
ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

नया कार्य करने का मन बनेगा। निवेश शुभ रहेगा। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे।पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी। मित्र मिलेंगे। जल्दबाजी न करें। 

सिंह :-
मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

व्यापार-व्यवसाय की कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक सेवा करने की प्रेरणा मिलेगी। मान-सम्मान मिलेगा। नई योजना बनेगी। किसी प्रभावशाली का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त हो सकता है। धन प्राप्ति सुगम होगी। चोट व रोग से बाधा की आशंका है। 

कन्या :-
ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

कोर्ट व कचहरी इ‍त्यादि में स्थिति अनुकूल रहेगी। किसी विवाद में विजय प्राप्त हो सकती है। शत्रुभय बना रहेगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। कारोबार से लाभ में वृद्धि के योग हैं। व्यापार में नए काम मिल सकते हैं। चिंता रहेगी। दुष्टजनों से बचकर रहें।

तुला :-
रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

शारीरिक कष्ट से बनते कामों में विघ्न हो सकता है। स्वास्थ्‍य का विशेष ध्यान रखें। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। धनहानि की आशंका है। वाहन व मशीनरी इत्यादि के प्रयोग में सावधानी रखें। आय में निश्चितता रहेगी। चिंता रहेगी।

वृश्चिक :-
तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

विवाद का हल हो सकता है। जीवनसाथी को भेंट व उपहार देने का अवसर प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक सहयोग मिलता रहेगा। मानसिक बेचैनी रहेगी। कोर्ट व कचहरी तथा सरकारी कार्यालयों में रुके कामों में गति आएगी। आय में वृद्धि होगी। 

धनु :-
ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी। पार्टनरों से मतभेद दूर होकर स्थिति अनुकूल बनेगी। लेन-देन में सावधानी रखें। स्थायी संपत्ति में वृद्धि के योग हैं। किसी से विवाद की आशंका है। मानहानि हो सकती है, सावधान रहें। 

मकर :-
भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

प्रसन्नता में वृद्धि होगी। किसी मनोरंजक यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। विद्यार्थी वर्ग अपने कार्य सफलतापूर्वक कर पाएंगे। प्रेम-प्रसंग का प्रस्ताव मिल सकता है। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। 

कुंभ :-
गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

किसी व्यक्ति से अकारण विवाद हो सकता है। भागदौड़ के चलते स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। लापरवाही न करें। किसी दु:खद समाचार मिलने की आशंका है। यात्रा में जल्दबाजी न करें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा।

मीन :-
दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। किसी बड़े कार्य को करने की इच्छा प्रबल होगी। विवाद को बढ़ावा देने से बचें। जल्दबाजी न करें। शारीरिक कष्ट की आशंका है। कारोबार अच्छा चलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। 

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Last Updated: FRI,11 Sep 2020; 06:40:00 AM
 

दिनाँक-: 11/09/2020,शुक्रवारन नवमी कृष्ण पक्ष
आश्विन

             (समाप्ति काल)

  • तिथि ----------नवमी 28:19:02         तक
  • पक्ष ---------------------------कृष्ण
  • नक्षत्र --------मृगशिरा 15:24:01
  • योग ------------सिद्वि 18:22:49
  • करण -----------तैतुल 16:02:38
  • करण --------------गर 28:19:02
  • वार -------------------------शुक्रवार
  • माह -------------------------आश्विन
  • चन्द्र राशि   ------------------ मिथुन
  • सूर्य राशि    ---------------------सिंह
  • रितु -----------------------------वर्षा
  • आयन ----------------- दक्षिणायण
  • संवत्सर -----------------------शार्वरी
  • संवत्सर (उत्तर) ------------प्रमादी
  • विक्रम संवत ----------------2077 
  • विक्रम संवत (कर्तक) ----2076
  • शाका संवत ----------------1942 
  • वृन्दावन
  • सूर्योदय -----------------06:03:52 
  • सूर्यास्त -----------------18:27:04
  • दिन काल  --------------12:23:11 
  • रात्री काल -------------11:37:15
  • चंद्रास्त -----------------13:49:16 
  • चंद्रोदय -----------------24:24:11
  • लग्न ----सिंह 24°36' , 144°36'
  • सूर्य नक्षत्र ----------पूर्वा फाल्गुनी 
  • चन्द्र नक्षत्र -----------------मृगशिरा
  • नक्षत्र पाया --------------------लोहा


         💮 दैनिक राशिफल💮

🐏मेष
मानसिक शांति के लिए किए गए प्रयास सफल रहेंगे। कोर्ट-कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। प्रसन्नता रहेगी। किसी धार्मिक यात्रा की योजना बनेगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा।

🐂वृष
वाहन व मशीनरी इत्यादि के प्रयोग में लापरवाही न करें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार ठीक चलेगा।

👫मिथुन
कार्यक्षेत्र के लिए नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। बिगड़े काम बन सकते हैं। समाजसेवा करने का मन बनेगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। व्यस्तता रहेगी। आराम का समय नहीं मिलेगा। थकान रहेगी।

🦀कर्क
व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे।

🐅सिंह
समाजसेवा करने की प्रेरणा प्राप्त होगी। मान-सम्मान मिलेगा। खोई हुई वस्तु मिलने के योग हैं। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। शत्रु सक्रिय रहेंगे। जोखिम व जमानत के कार्य बिलकुल न करें।

🙍‍♀️कन्या
शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कारोबार अच्‍छा चलेगा। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। किसी आनंदोत्सव में भाग ले सकते हैं। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी।

⚖️तुला
किसी तरह से बड़ा लाभ होने की संभावना है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। किसी तरह के विवाद में विजय प्राप्त होगी। स्वास्थ्य अच्‍छा रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में नया कार्य मिल सकता है।

🦂वृश्चिक
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। थकान व कमजोरी रह सकती है। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। दूसरों से अधिक अपेक्षा न करें। बेवजह चिड़चिड़ापन रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। कार्य में मन नहीं लगेगा।

🏹धनु
भावना में बहकर महत्वपूर्ण निर्णय न लें। नौकरी में कार्यभार रहेगा। लाभ होगा। स्वास्थ्य के संबंध में लापरवाही न करें। स्वास्थ्‍य पर व्यय होगा। दु:खद समाचार मिल सकता है। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। कुसंगति से हानि होगी।

🐊मकर
मनपसंद व्यंजनों का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग अपने कार्य उत्साह व लगन से कर पाएगा। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। धन प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। प्रमाद न करें।

🍯कुंभ
घर, दुकान, फैक्टरी व शोरूम इत्यादि के खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। कारोबार में बड़ा लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। रुके काम बनेंगे। घर-बाहर उत्साह व प्रसन्नता से काम कर पाएंगे।

🐟मीन
प्रसन्नता का वातावरण निर्मित होगा। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति अनुकूल बनेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में मातहत साथ देंगे।

आपका दिन मंगलमय हो
🌺🌺🌺🌺🌺🌺

        ।। शुभम भवतु ।।
🇮🇳🇮🇳 भारत माता की जय 🚩🚩
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
आचार्य पंडित राज कुमार तिवारी
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)

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Last Updated: Thu,10 Sep 2020; 07:03:00 AM

दिनाँक -: 10/09/2020,गुरुवार 

  • अष्टमी, कृष्ण पक्ष
  • आश्विन-----------------(समाप्ति काल)
  • तिथि ---------अष्टमी 27:34:13        तक
  • पक्ष ---------------------------कृष्ण
  • नक्षत्र ------रोहिणी 13:37:58
  • योग ---------------वज्र 18:34:43
  • करण ----------बालव 14:54:40
  • करण ---------कौलव 27:34:13
  • वार -------------------------गुरूवार
  • माह ------------------------ आश्विन
  • चन्द्र राशि ------वृषभ 26:36:20
  • चन्द्र राशि    ------------------मिथुन
  • सूर्य राशि    ---------------------सिंह
  • रितु -----------------------------वर्षा
  • सायन --------------------------शरद
  • आयन -------------------दक्षिणायण
  • संवत्सर ----------------------शार्वरी
  • संवत्सर (उत्तर)------------- प्रमादी
  • विक्रम संवत ----------------2077
  • विक्रम संवत (कर्तक) ----2076
  • शाका संवत ----------------1942
  • वृन्दावन
  • सूर्योदय -----------------06:03:25
  • सूर्यास्त -----------------18:28:13
  • दिन काल --------------12:24:47
  • रात्री काल -------------11:35:39
  • चंद्रास्त -----------------12:53:13
  • चंद्रोदय -----------------23:34:44
  • लग्न ---- सिंह 23°38' , 143°38'
  • सूर्य नक्षत्र -----------पूर्वाफाल्गुनी
  • चन्द्र नक्षत्र ------------------रोहिणी
  • नक्षत्र पाया -------------------लोह


🚩💮🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩💮🚩

राहू काल 13:49 - 15:22 अशुभ
यम घंटा 06:03 - 07:37 अशुभ
गुली काल 09:10 - 10:43  अशुभ
अभिजित 11:51 -12:41 शुभ
दूर मुहूर्त 10:12 - 11:01 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:10 - 15:59अशुभ
 ।

💮 दिशा शूल ज्ञान-------------दक्षिण
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा  केशर खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll


वयसः परिणामेऽपि यः खलः खलः एव सः ।
सम्पक्वमपि माधुर्यं नापयातीन्द्रवारुणम् ।।
।।चा o नी o।।

   जो व्यक्ति अपने बुढ़ापे में भी मुर्ख है वह सचमुच ही मुर्ख है. उसी प्रकार जिस प्रकार इन्द्र वरुण का फल कितना भी पके मीठा नहीं होता.

🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩

गीता -: विभूतियोग अo-10

अक्षराणामकारोऽस्मि द्वंद्वः सामासिकस्य च ।,
अहमेवाक्षयः कालो धाताहं विश्वतोमुखः ॥,

मैं अक्षरों में अकार हूँ और समासों में द्वंद्व नामक समास हूँ।, अक्षयकाल अर्थात्‌ काल का भी महाकाल तथा सब ओर मुखवाला, विराट्स्वरूप, सबका धारण-पोषण करने वाला भी मैं ही हूँ॥

💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
आपकी न्यायपूर्ण बात का भी विरोध होगा। दु:खद समाचार मिल सकता है। किसी निकट के व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। प्रियजनों से रिश्तों में खटास आ सकती है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। धनहानि की आशंका है। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी।

🐂वृष
आशंका-कुशंका के चलते निर्णय लेने में विलंब हो सकता है। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक कार्य करने का मन बनेगा। मान-सम्मान मिलेगा। कारोबार मनोनुकूल चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में जवाबदारी बढ़ सकती है।

👫मिथुन
फिजूलखर्ची अधिक होगी। घर में मेहमानों का आगमन होगा। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। शत्रुभय रहेगा। किसी से विवाद हो सकता है। मान कम होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

🦀कर्क
कोई बड़ा खर्च हो सकता है। आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। गलतफहमी के कारण विवाद संभव है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। स्वास्थ्य पर खर्च होगा। घर-परिवार की चिंता रहेगी। यात्रा में जल्दबाजी न करें। व्यापार ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी।

🐅सिंह
किसी ईर्ष्यालु व्यक्ति द्वारा हानि हो सकती है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। कोई बड़ा काम होने से प्रसन्नता रहेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। कारोबार अच्छा चलेगा। निवेशादि शुभ फल देंगे।

🙎‍♀️कन्या
चोट व रोग से शारीरिक कष्ट संभव है। परिवार के छोटे सदस्यों के स्वास्थ्य व अध्ययन संबंधी चिंता रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नया काम मिलेगा। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। मित्रों व संबंधियों से संबंध सुधरेंगे।

⚖️तुला
जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। अनहोनी की आशंका रहेगी। वाहन व मशीनरी आदि के प्रयोग में सावधानी रखें। किसी व्यक्ति विशेष से विवाद हो सकता है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। मानसिक उलझनें रहेंगी। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा।

🦂वृश्चिक
थकान व कमजोरी रह सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। कोई धार्मिक स्थल का कार्यक्रम बन सकता है। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त होगा। आय होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🏹धनु
जल्दबाजी में व्यापारिक व्यवहार न करें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रमाद न कर भरपूर प्रयास करें। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। कारोबार मनमाफिक चलेगा। लाभ होगा।

🐊मकर
किसी व्यक्ति के द्वारा अपमान हो सकता है। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी।

🍯कुंभ
विवाद को तूल न दें। जल्दबाजी से हानि होगी। शारीरिक कष्ट संभव है। स्थायी संपत्ति के कार्य लाभदायक रहेंगे। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी। घर-बाहर सुखद वातावरण रहेगा। परिवार के साथ सुख-शांति बनी रहेगी।

🐟मीन
पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। अध्ययन में मन लगेगा। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। आय बनी रहेगी। चोट व रोग से बचें। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। शत्रु परास्त होंगे।

आपका दिन मंगलमय हो
         ।। शुभम भवतु ।।
🇮🇳🇮🇳 भारत माता की जय 🚩🚩
   🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
आचार्य पंडित राज कुमार तिवारी
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)

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Last Updated: Wed,9 Sep 2020; 07:19:00 AM

               ।।🕉️।।
     🚩🌞 सुप्रभातम्🌞🚩
  📜««« आज का पंचांग»»»📜

  • कलियुगाब्द..........................5122
  • विक्रम संवत्.........................2077
  • शक संवत्.............................1942
  • मास....................................अश्विन
  • पक्ष......................................कृष्ण
  • तिथी...................................सप्तमी
  • रात्रि 02.03 पर्यंत पश्चात अष्टमी
  • रवि...............................दक्षिणायन
  • सूर्योदय.............प्रातः 06.12.29 पर
  • सूर्यास्त............संध्या 06.36.38 पर
  • सूर्य राशि................................सिंह
  • चन्द्र राशि..............................वृषभ
  • गुरु राशि.................................धनु
  • नक्षत्र................................कृत्तिका
  • प्रातः 11.12 पर्यंत पश्चात रोहिणी
  • योग.....................................हर्षण
  • संध्या 06.07 पर्यंत पश्चात वज्र
  • करण....................................विष्टि
  • दोप 01.05 पर्यंत पश्चात बव
  • ऋतु......................................शरद
  • दिन...................................बुधवार


🇬🇧 आंग्ल मतानुसार :-
09 सितम्बर सन 2020 ईस्वी ।

                      ⚜आज का राशिफल :-
🐏 राशि फलादेश मेष :-
(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)
किसी अपने ही वाले व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नकारात्मकता रहेगी। यात्रा में जल्दबाजी न करें। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। व्ययवृद्धि होगी। दूसरों के कार्य कर पाएंगे।

🐂 राशि फलादेश वृष :-
(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
व्यावसायिक कार्य के लिए लंबी यात्रा की योजना बनेगी। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। निवेश शुभ रहेगा। धनलाभ में वृद्धि के योग हैं। कारोबार अच्‍छा चलेगा। पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी। जल्दबाजी न करें।

👫🏻 राशि फलादेश मिथुन :-
(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
मित्रों का सहयोग लाभ में वृद्धि करेगा। कारोबार अच्‍छा चलेगा। नए काम मिलने की संभावना है। आय के स्रोत बढ़ेंगे। घर-बाहर सभी तरफ से सहयोग प्राप्त होंगे। रुके कार्य पूर्ण होंगे। भाग्य की अनुकूलता है। भरपूर प्रयास करें। नौकरी में सफलता मिलेगी।

🦀 राशि फलादेश कर्क :-
(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। रुके कार्यों में गति आएगी। किसी तीर्थयात्रा की योजना बनेगी। प्रभावशाली व्यक्तियों से मेलजोल बढ़ेगा। तंत्र-मंत्र में रुझान रहेगा। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य नरम हो सकता है।

🦁 राशि फलादेश सिंह :-
(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
झंझटों में न पड़ें। वाहन, मशीनरी व अग्नि आदि के प्रयोग में लापरवाही न करें। आय में कमी हो सकती है। धनहानि की आशंका बनती है। न चाहकर भी विवाद हो सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। दूसरों की अपेक्षा बढ़ेगी।

🙎🏻‍♀️ राशि फलादेश कन्या :-
(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
कारोबार में वृद्धि होगी। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। कुंआरों को वैवाहिक प्रस्ताव प्राप्त हो सकता है। व्यय होगा। भाइयों का सहयोग समय पर मिलेगा।

⚖ राशि फलादेश तुला :-
(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
रोजगार में वृद्धि होगी। आय के नए स्रोत मिलेंगे। कोई बड़ा काम होने से प्रसन्नता में वृद्धि होगी। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। प्रतिद्वंद्विता कम होगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। भाग्य की अनुकूलता रहेगी।

🦂 राशि फलादेश वृश्चिक :-
(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
पार्टी व पिकनिक का आनंद प्राप्त होगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य कमजोर हो सकता है। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। संगीत इत्यादि में रुचि रहेगी। नए विचार मन में आएंगे। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। लेन-देन में सावधानी रखें।

🏹 राशि फलादेश धनु :-
(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)
थकान व कमजोरी रह सकती है। मेहनत अधिक होगी। नौकरी में अधिकारी की अपेक्षा बढ़ेगी। कोई नकारात्मक सूचना मिल सकती है। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें। वाणी में हल्के शब्दों का प्रयोग न करें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी।

🐊 राशि फलादेश मकर :-
(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)
किसी बड़े कार्य के होने की संभावना है। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। सामाजिक कार्य करने के अवसर प्राप्त होंगे। मान-सम्मान मिलेगा। थोड़े प्रयास से अधिक लाभ होगा। आलस्य न कर भरपूर प्रयास करें।

🏺 राशि फलादेश कुंभ :-
(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
पुराने मित्र व रिश्तेदारों से मेल बढ़ेगा। संपर्क बनाएं। आय में वृद्धि होगी। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्‍य खराब हो सकता है। सभी तरफ से अच्‍छे समाचार प्राप्त होंगे। उत्साह व प्रसन्नता में वृद्धि होगी। काम में मन लगेगा। नौकरी में मातहतों का साथ मिलेगा।

🐋 राशि फलादेश मीन :-
(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
नए काम मिल सकते हैं। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। नवीन वस्त्राभूषण पर व्यय होगा। मनोरंजक यात्रा की योजना बनेगी। राजकीय बाधा संभव है। अपेक्षित कार्य समय पर पूरे होने से प्रसन्नता रहेगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। 

☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो !
           ।। शुभम भवतु ।।
  🇮🇳🇮🇳 भारत माता की जय 🚩🚩
    🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
आचार्य पंडित राज कुमार तिवारी
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)





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Last Updated: Mon,7 Sep 2020; 11:45:00 AM

              ।। 🕉 ।।
   🚩 🌞 सुप्रभातम् 🌞 🚩
📜««« आज का पंचांग »»»📜
कलियुगाब्द...................5122
विक्रम संवत्..................2077
शक संवत्....................1942
रवि........................दक्षिणायन
मास............................अश्विन
पक्ष...........................कृष्ण
तिथी.............................पंचमी
रात्रि 09.38 पर्यंत पश्चात षष्ठी
सूर्योदय..........प्रातः 06.11.33 पर
सूर्यास्त.........संध्या 06.38.41 पर
सूर्य राशि.............................सिंह
चन्द्र राशि.............................मेष
गुरु राशि..............................धनु
नक्षत्र............................भरणी
दुसरे दिन 08.24 पर्यंत पश्चात कृत्तिका
योग..................................ध्रुव
दोप 04.31 पर्यंत पश्चात व्याघात
करण...........................कौलव
प्रातः 08.23 पर्यंत पश्चात तैतिल
ऋतु................................शरद
दिन...........................सोमवार

🇬🇧 आंग्ल मतानुसार :-
07 अगस्त सन 2020 ईस्वी ।

⚜ अभिजीत मुहूर्त :-
प्रातः 11.59 से 12.49 तक ।

👁‍🗨 राहुकाल :-
प्रात: 07.47 से 09.19 तक

आरोग्यं :-

खुजली से राहत के घरेलू नुस्खे :-
1. नीम की २० कोपलें साफ़ करके, उन्हें ६० ग्राम पानी में घोटकर सुबह शाम सात दिनों तक पीने से खुजली पे असर दिखेगा |
2. १० काली मिर्च का चूर्ण, १० ग्राम गाय के घी  के साथ लेने का घरेलू एवं देसी नुस्खा आजमाएं।
3. २० ग्राम नारियल के तेल में ५ ग्राम देसी कपूर मिलाकर घोले, इस तेल को लगाने से खुजली ठीक हो जाती है।
4. चिकनी मिट्टी को पानी में घोल कर लेप करें।
5. तुलसी की पत्ती और कपूर को पानी में घोल कर हर्बल औषधि के रूप में लगाते हैं|

⚜ आज का राशिफल :-

🐏 राशि फलादेश मेष :-
(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)
किसी व्यक्ति से अकारण विवाद हो सकता है। किसी कार्य को करने से प्रशंसा मिलेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। शारीरिक कष्ट से बाधा उत्पन्न हो सकती है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। 

🐂 राशि फलादेश वृष :-
(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
कार्यप्रणाली में सुधार होगा। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। पारिवारिक चिंता रहेगी। लाभ में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। नई योजना बनेगी। फालतू खर्च होगा। व्यावसायिक यात्रा लंबी हो सकती है। लाभ होगा।

👫🏻 राशि फलादेश मिथुन :-
(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। व्यापार-व्यवसाय में मुनाफा बढ़ेगा। काफी समय से रुका हुआ कार्य पूर्ण हो सकता है। भाग्य का साथ मिलेगा। आर्थिक उन्नति के लिए नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। व्यस्तता रहेगी। प्रमाद न करें।

🦀 राशि फलादेश कर्क :-
(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
वाणी पर नियंत्रण रखें। सामंजस्य बनाकर रखें। कोर्ट व कचहरी आदि में विजय मिलेगी। कारोबार लाभदायक रहेगा। नए मित्र बनेंगे। पूजा-पाठ में मन लगेगा। शत्रु सक्रिय रहेंगे। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। जोखिम न लें।

🦁 राशि फलादेश सिंह :-
(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
एकाग्रता की कमी होगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। अकारण विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। बेचैनी रहेगी। अज्ञात भय सताएगा। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी।

🙎🏻‍♀️ राशि फलादेश कन्या :-
(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी। शत्रु सक्रिय रहेंगे। नजरअंदाज न करें। शत्रु पस्त होंगे। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। चोट व रोग से बचें। भाग्य का साथ मिलेगा।

⚖ राशि फलादेश तुला :-
(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। रोजगार में वृद्धि होगी। कारोबार से लाभ बढ़ेगा। किसी व्यक्ति से बहस हो सकती है। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। धनहानि संभव है। प्रमाद न करें।

🦂 राशि फलादेश वृश्चिक :-
(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
चिंता तथा तनाव रहेंगे। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थी अपने कार्य एकाग्रता से कर पाएंगे। शारी‍रिक कष्ट के योग हैं, सावधानी बरतें। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। अध्ययन में मन लगेगा। यात्रा मनोरंजक हो सकती है।

🏹 राशि फलादेश धनु :-
(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)
विवाद से क्लेश हो सकता है। पुराना रोग उभर सकता है। झंझटों में न पड़ें। महत्वपूर्ण निर्णय टालें। ऐश्वर्य के साधनों पर खर्च होगा। दूर से दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। जल्दबाजी न करें।

🐊 राशि फलादेश मकर :-
(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)
पूर्व में किए गए प्रयासों का फल अब मिल सकता है। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। धनार्जन होगा। विवाह के उम्मीदवारों को वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। खुशी का वातावरण निर्मित होगा। जल्दबाजी न करें। व्यस्तता बनी रहेगी।

🏺 राशि फलादेश कुंभ :-
(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
घर में अतिथियों का आगमन होगा। व्यय होगा। विवाद से बचें। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। घर-बाहर सुख-शांति बनी रहेगी। शारीरिक कष्ट से बाधा संभव है। मनोरंजन का मौका मिलेगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। नए मित्र बन सकते हैं।

🐋 राशि फलादेश मीन :-
(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
जल्दबाजी व लापरवाही न करें। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ के योग हैं। राजभय रहेगा। किसी भी प्रकार की बहस का हिस्सा न बनें, बात बिगड़ सकती है। चोट व रोग से बचें। जोखिम न लें। 

☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।

         ।। शुभम भवतु ।।
🇮🇳🇮🇳 भारत माता की जय 🚩🚩
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
आचार्य पंडित राज कुमार तिवारी
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)

PrakashNewsOfIndia.in|
Last Updated: Sat,6 Sep 2020; 08:20:00 AM



.                 ।। 🕉 ।।
     🚩🌞 *सुप्रभातम् 🌞🚩
📜««« आज का पञ्चांग »»»📜

  • कलियुगाब्द.........................5122
  • विक्रम संवत्........................2077
  • शक संवत्..........................1942
  • मास.................................अश्विन
  • पक्ष...................................कृष्ण
  • तिथी................................चतुर्थी
  • संध्या 07.07 पर्यंत पश्चात पंचमी
  • रवि.............................दक्षिणायन
  • सूर्योदय............प्रातः 06.11.15 पर
  • सूर्यास्त...........संध्या 06.39.52 पर
  • सूर्य राशि..............................सिंह
  • चन्द्र राशि..............................मेष
  • गुरु राशि...............................धनु
  • नक्षत्र...............................अश्विनी
  • दुसरे दिन प्रातः 05.22 पर्यंत पश्चात भरणी
  • योग....................................वृद्धि
  • दोप 03.32 पर्यंत पश्चात ध्रुव
  • करण................................बालव
  • संध्या 07.07 पर्यंत पश्चात कौलव
  • ऋतु....................................शरद
  • दिन..............................रविवार
  • 🇮🇳 राष्ट्रीय सौर दिनांक १५ भाद्रपद ( नभस्यमास )‌ !
  • 🇬🇧 आंग्ल मतानुसार दिनांक ०६ सितम्बर सन २०२० ईस्वी, शनिवार !
  • ☸ शुभ अंक...........................6
  • 🔯 शुभ रंग.........................लाल


   🚦 दिशाशूल :-
पश्चिमदिशा - यदि आवश्यक हो तो दलिया, घी या पान का सेवनकर यात्रा प्रारंभ करें ।

📿 आज का मंत्रः
।। ॐ महाशक्तये नम: ।।

 संस्कृत सुभाषितानि :-
अनुद्वेगकरं वाक्यं सत्यं प्रियहितं च यत् ।
स्वाध्यायाभ्यसनं चैव वाङमयं तप उच्यते ॥   
अर्थात :-
उद्वेग को जन्म न देनेवाले, यथार्थ, प्रिय और हितकारक वचन (बोलना), (शास्त्रों का) स्वाध्याय और अभ्यास करना, यह वाङमयीन तप है ।

🍃 आरोग्यं सलाह :-
दांतों में झुनझुनी के घरेलू उपचार :-

1. सरसों का तेल :
दांतों में झुनझुनी दूर करने के लिए एक चम्मच सरसों के तेल में एक छोटा चम्मच सेंधा नमक मिलाएं और इससे मसूढ़ों की हल्की मसाज करें। 5 मिनट के बाद गुनगुने पानी से अच्छी तरह कुल्ला कर लें जिससे दांतों में झुनझुनी लगना बंद हो जाएगा।

2. तिल, नारियल और सरसों का तेल :
एक चम्मच तिल का तेल, एक चम्मच नारियल तेल और एक चम्मच सरसों का तेल लेकर अच्छी तरह मिलाएं। अब इस तेल से दांतों और मसूढ़ों की अच्छी तरह मालिश करें। दिन में 2-3 बार ऐसा करने से झनझनाहट दूर होगी।

                    ⚜ आज का राशिफल⚜

🐏 राशि फलादेश मेष :-
(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)
व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। विरोध होगा। बेचैनी रहेगी। यात्रा सफल रहेगी। रुका हुआ धन प्राप्त होने के योग हैं। पार्टनरों से मतभेद दूर होंगे। प्रसन्नता में वृद्धि होगी।

🐂 राशि फलादेश वृष :-
(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
योजना फलीभूत होगी। घर-परिवार की चिंता बनी रहेगी। कारोबार से लाभ होगा। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। नौकरी में जवाबदारी बढ़ सकती है। घर-बाहर सभी ओर से सफलता प्राप्त होगी। प्रमाद न करें।

👫🏻 राशि फलादेश मिथुन :-
(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
राजकीय बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति निर्मित होगी। पुराना रोग परेशानी का कारण बन सकता है। पूजा-पाठ में मन लगेगा। किसी संत-महात्मा का आशीर्वाद मिल सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रमाद न करें।

🦀 राशि फलादेश कर्क :-
(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कारोबार ठीक चलेगा। नौकरी में कलह हो सकती है। निवेश इत्यादि में जल्दबाजी न करें। चोट व दुर्घटना से बचें। शारीरिक हानि हो सकती है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। आय बनी रहेगी।

🦁 राशि फलादेश सिंह :-
(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
घर-परिवार की चिंता रहेगी। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। लाभ के अवसर अवसर हाथ आएंगे। समय की अनुकूलता का लाभ लें। विवाह के उम्मीदवारों को विवाह का प्रस्ताव मिल सकता है। धन प्राप्ति सुगम होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🙎🏻‍♀️ राशि फलादेश कन्या :-
(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
शत्रुओं का पराभव होगा। संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। रोजगार में वृद्धि होगी। नए काम मिल सकते हैं। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। चिंता तथा तनाव में कमी होगी। प्रमाद न करें।

⚖ राशि फलादेश तुला :-
(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
परिवार के सदस्यों तथा मित्रों के साथ समय सुखद व्यतीत होगा। संगीत‍ व चि‍त्रकारी आदि के कार्य सफल तथा पूर्ण होंगे। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। एकाग्रता बनी रहेगी। अध्ययन में मन लगेगा। धनार्जन होगा।

🦂 राशि फलादेश वृश्चिक :-
(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
लेन-देन में जल्दबाजी न करें। लाभ का प्रतिशत कम रहेगा। दूसरों की अपेक्षा बढ़ेगी। बुरी खबर मिल सकती है। दौड़धूप अधिक रहेगी। वाणी में हल्के शब्दों के इस्तेमाल से बचें। नौकरी में कार्यभार रहेगा। स्वास्थ्‍य का पाया कमजोर रहेगा।

🏹 राशि फलादेश धनु :-
(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)
रिश्तेदारों तथा मित्रों का सहयोग करने का अवसर प्राप्त होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कारोबार मनोनुकूल चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। मेहनत का फल पूरा-पूरा प्राप्त होगा। पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी। प्रसन्नता रहेगी।

🐊 राशि फलादेश मकर :-
(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)
शरीर के ऊपरी हिस्से में कष्ट संभव है। अच्छी खबर प्राप्त होगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। माता के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। खर्च होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी।

🏺 राशि फलादेश कुंभ :-
(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
पार्टनरों से मतभेद दूर होकर सहयोग मिलेगा। यात्रा मनोनुकूल रहेगी। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड लाभ देंगे। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कष्ट संभव है।

🐋 राशि फलादेश मीन :-
(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
कानूनी अड़चन आ सकती है। लापरवाही न करें। वाणी पर नियंत्रण रखें। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। अप्रत्याशित बड़े खर्च सामने आएंगे। व्यवस्था में मुश्किल होगी। व्यापार-व्यवसाय की गति धीमी रहेगी। धैर्य रखें। 

🚩 🎪 ‼️ 🕉 घृणि सूर्याय नमः ‼️ 🎪 🚩

☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ☯

                     ‼️ शुभम भवतु ‼️

  🚩 🇮🇳 ‼️ भारत माता की जय ‼️ 🇮🇳 🚩

         ।। शुभम भवतु ।।
🇮🇳🇮🇳 भारत माता की जय 🚩🚩
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
आचार्य पंडित राज कुमार तिवारी
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)


     PrakashNewsOfIndia.in|
Last Updated: Sat,5 Sep 2020; 07:30:00 AM



            ।। 🕉 ।।
     🚩🌞 सुप्रभातम्🌞🚩
📜««« आज का पञ्चांग »»»📜


  • कलियुगाब्द...........................5122
  • विक्रम संवत्..........................2077
  • शक संवत्.............................1942
  • मास.....................................अश्विन
  • पक्ष......................................कृष्ण
  • तिथी..................................तृतीया
  • दोप 04.40 पर्यंत पश्चात चतुर्थी
  • रवि..............................दक्षिणायन
  • सूर्योदय...........प्रातः 06.10.50 पर
  • सूर्यास्त...........संध्या 06.40.32 पर
  • सूर्य राशि...............................सिंह
  • चन्द्र राशि..............................मीन
  • गुरु राशी................................धनु
  • नक्षत्र...................................रेवती
  • प्रातः 05.33 पर्यंत पश्चात अश्विनी
  • योग.......................................गंड
  • दोप 02.36 पर्यंत पश्चात वृद्धि
  • करण..................................विष्टि
  • दोप 04.40 पर्यंत पश्चात बव
  • ऋतु.....................................शरद
  • दिन.................................शनिवार


🇬🇧 आंग्ल मतानुसार :-05 सितम्बर सन 2020 ईस्वी । 

  • ☸ शुभ अंक.........................5
  • 🔯 शुभ रंग...........................हरा


  • ⚜ अभिजीत मुहूर्त :-
  • दोप 12.00 से 12.50 तक ।


  • 👁‍🗨 राहुकाल :-
  • प्रात: 09.19 से 10.52 तक ।

🚦 दिशाशूल :-
पूर्वदिशा - यदि आवश्यक हो तो अदरक या उड़द का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें ।

📿 आज का मंत्र :-
|| ॐ ज्योत्स्नायै नम: ||

📢 संस्कृत सुभाषितानि -
मनःप्रसादः सौम्यत्वं मौनमात्मविनिग्रहः ।
भावसंशुद्धिरित्येतत्तपो मानसमुच्यते ॥
अर्थात :-
मन की प्रसन्नता, सौम्यभाव, मौन, आत्मचिंतन, मनोनिग्रह, भावों की शुद्धि - यह मन का तप कहलाता है ।

        🍃 आरोग्यं सलाह :-
      साइनस के घरेलु उपचार :-

1. 100 ग्राम बादाम, 20 ग्राम कालीमिर्च, 50 ग्राम खांड इन सब का पावडर बनाकर रोज रात को 1-1 चम्मच दूध के साथ देवे |

2. सौंठ, पीपल एवं कालीमिर्च बराबर मात्रा में लेकर पावडर कर आधा से एक ग्राम प्रतिदिन शहद के साथ चाटें |

3. बर्तन में 2 - 4 गिलास पानी डालकर अच्छे से उबाले अब इस गर्म पानी को निचे रखकर एक कम्मल ओढ़कर बैठ जाये फिर इसमें पुदीने के रस की 6 - 7 बूँदें डाले | अब इस भाप को ले |

4. तुलसी के 15 पत्ते, 1 टुकड़ा अदरक, 15 पत्ते पुदीने के इन सभी को पीसकर एक गिलास पानी में अच्छे से उबाले पानी उबलकर आधा होने लगे तो छानकर 1 चम्मच शहद मिलकर पि जाये | ऐसा दिन में दो बार सुबह भोजन के बाद और रात को सोने से पहले करे |

               ⚜ आज का राशिफल :-

🐏 राशि फलादेश मेष :-
(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)
कारोबार में वृद्धि होगी। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि मनोनुकूल लाभ देंगे। विरोधी सक्रिय रहेंगे। शारीरिक कष्ट संभव है। अज्ञात भय रहेगा। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। विवाद से बचें। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। प्रमाद न करें।

🐂 राशि फलादेश वृष :-
(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
जीवनसाथी के स्वास्थ्‍य संबंधी चिंता रहेगी। शत्रुभय रहेगा। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। नौकरी में नए कार्य प्राप्त हो सकते हैं। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी।

👫🏻 राशि फलादेश मिथुन :-
(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कोर्ट-कचहरी व सरकारी कार्यालयों में रुके कार्य मनोनुकूल रहेंगे। बुद्धि का प्रयोग करें। चिंता रहेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। विवाद से क्लेश संभव है। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। तीर्थयात्रा का कार्यक्रम बन सकता है।

🦀 राशि फलादेश कर्क :-
(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। शारीरिक कष्ट हो सकता है। जल्दबाजी व लापरवाही न करें। धनहानि हो सकती है। विवाद से क्लेश हो सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। जवाबदारी बढ़ सकती है।

🦁 राशि फलादेश सिंह :-
(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
प्रेम-प्रसंग अनुकूल रहेंगे। कोर्ट-कचहरी व सरकारी कार्यालयों में अटके काम पूरे हो सकते हैं। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। किसी विशेष कार्य के बारे में चिंता रहेगी। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। मातहतों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।

🙎🏻‍♀️ *राशि फलादेश कन्या :-
(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। भूमि व भवन संबंधी कार्य लाभदायक रहेंगे। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। कारोबारी बड़े सौदे हो सकते हैं। शत्रु पस्त होंगे। प्रतिद्वंद्विता में कमी होगी। बड़ा लाभ होगा। चिंता में कमी रहेगी।

⚖ राशि फलादेश तुला :-
(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। विद्यार्थी वर्ग अपने *कार्य में सफलता प्राप्त करेंगे। नौकरी में नया काम हो सकता है। परिवार के एकाधिक सदस्यों की चिंता रहेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। चोट व रोग से कष्ट संभव है। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता बनी रहेगी।

🦂 राशि फलादेश वृश्चिक :-
(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
दु:खद समाचार की प्राप्ति संभव है। भागदौड़ अधिक रहेगी। लाभ के अवसर हाथ से निकल सकते हैं। पुराना रोग उभर सकता है। कीमती वस्तुएं गुम हो सकती हैं, संभालकर रखें। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे, धैर्य रखें।

🏹 राशि फलादेश धनु :-
(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)
पुराने किए गए प्रयासों का फल अब मिल सकता है। सामाजिक कार्य करने की प्रेरणा प्राप्त होगी। मान-सम्मान मिलेगा। किसी अनहोनी के होने की चिंता रहेगी। स्वास्‍थ्य पर खर्च हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी।

🐊 राशि फलादेश मकर :-
(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)
दूर से शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। घर में अतिथियों का आगमन होगा। घर में वृ‍द्ध व्यक्तियों के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। ने‍त्र पीड़ा हो सकती है। नए मित्र बन सकते हैं। कोई बड़ा कार्य करने की इच्छा होगी।

🏺 राशि फलादेश कुंभ :-
(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। किसी बड़ी समस्या से निजात मिल सकती है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ के योग हैं। शरीर के ऊपरी हिस्से में कष्ट हो सकता है। जल्दबाजी न करें।

🐋 राशि फलादेश मीन :-
(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची
नेत्र पीड़ा हो सकती है। स्वास्थ्य पर व्यय होगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। आर्थिक समस्या रहेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। राज्य की तरफ से दिक्कत हो सकती है। विवाद करने व जल्दबाजी से बचें। व्यापार ठीक चलेगा।

☯आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो

       ।। शुभम भवतु ।।                
🇮🇳🇮🇳 भारत माता की जय 🚩🚩
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आचार्य पंडित राज कुमार तिवारी
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)

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