Articles by "दि अन्नदाता"



सुधांशु पांडे-अमेठी|PrakashNewsOfIndia.in|
Last Updated:Thus,20Aug 2020; 05:14:00 PM


 जिलाधिकारी श्री अरुण कुमार के निर्देश पर यूरिया खाद की कालाबाजारी व बढ़ते दामों की शिकायत को लेकर कृषि विभाग के अधिकारियों व प्रत्येक तहसील के उपजिलाधिकारी व तहसीलदार के द्वारा क्षेत्र के उर्वरक बिक्री केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडे ने बताया कि जिलाधिकारी महोदय के निर्देश के क्रम में अब तक 60 उर्वरक बिक्री  केंद्रों पर  छापेमारी की गई है, जिसमें दिनांक 17 व 18 अगस्त को 24 दुकानों व 19 अगस्त को 36 दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान गड़बड़ी मिलने पर 12 दुकानें निलंबित व एक के विरुद्ध एफ0आई0आर0 दर्ज कराई गई है। जिसमें सिंह खाद भंडार भीमी, पांडे ट्रेडर्स कसरवांगंज, मौर्या खाद भंडार गोरियाबाद, दीप फर्टिलाइजर अमेठी, राम नेवाज मौर्या शिवरतनगंज, कोमल फर्टिलाइजर तिलोई, किसान खाद भंडार तिलोई, पलक ट्रेडर्स शाहमऊ, मिश्रा खाद भंडार शाहमऊ, शादाब खाद भंडार डिघिया तिलोई, मुक


अमित पांडेय, जयसिंहपुर |PrakashNewsOfIndia.in|
Last Updated: Thu, 20 Aug 2020; 05:00:00 PM


सेमरी बाजार, जयसिंहपुर:क्षेत्र में यूरिया की किल्लत से लुट रहे किसानों को सहकारी समितियों पर पहुंची खाद से राहत मिली।समितियों पर उमड़ी किसानों की भीड़।
            बताते चलें कि काफी दिनों से सहकारी समितियों पर यूरिया नदारद होने से किसान धान की फसल में दूसरी खुराक    यूरिया डालने के लिए बेचैन था।सहारा केवल प्राईवेट खाद की दूकानों का था।किसान बताते हैं कि बाजार में प्राईवेट दूकानों पर साथ में घटिया किस्म का जिंक देकर मनमाने तरीके से 350से400 रुपये तक ठग रहे थे।किसानों का कहना है कि कृषि विभाग के अधिकारियों से बार बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं।सूत्र बताते हैं कि क्षेत्र की इफको फ्रेंचाइजी पर भी मनमाने तरीके से ओवर रेटिंग की जाती रही है।कोई भी दूकानदार खरीद की रशीद देने को नहीं तैयार है।
      क्षेत्र के अरबिंद कुमार सिंह, संतराज, जयप्रकाश, नंद कुमार पांडे जैसे कई किसानों ने कहा कि सहकारी समितियों पर  यूरिया उपलब्ध हो जाने से किसान लुटने से बच गया।समितियों पर मशीन से आधार पर 267 रुपये में मिलने से काफी राहत किसानों के लिए है।

अमित पांडेय, जयसिंहपुर |PrakashNewsOfIndia.in|
Last Updated: Thu, 28 July 2020; 08:02:00 PM
सेमरी बाजार, सुलतानपुर:
क्षेत्र की समितियों पर यूरिया खाद न होने से किसानों के सामने धान की फसल को प्रथम खुराक #टाप ड्रेसिंग  # छिड़काव की समस्या। किसान समितियों का चक्कर लगाते परेशान हो रहे हैं।
          क्षेत्र की बिरैता पाल्हीपुर, महमूदपुर सेमरी, भीखूपुर, बिरसिंहपुर ,कल्यानपुर ,जयसिंहपुर व अठैसी नार्थ सहकारी समितियों पर पिछले 10 दिनों से यूरिया न होने से किसानों की फसल बरबाद हो रही है।खरीफ की फसल धान के लिए यूरिया बहुत ही जरूरी है।
         नंद कुमार, आसुतोष, जयकीरत,बृंदाप्रसाद,राधेश्याम, ओमप्रकाश, परमात्मा प्रसाद जैसे तमाम किसानों का कहना है कि समितियों पर यूरिया खाद न मिलने से मजबूरन प्राईवेट दूकानों पर औने पौने दाम पर खरीदना पड़ रहा है।

रोहित जायसवाल प्रबंधक पी.सी.एफ. ने बताया कि रैक लगने के बाद ही यूरिया मुहैया कराई जा सकती है।उन्होंने बताया कि यूरिया जनपद में ही नहीं है।

Status PM KISAN सम्मान निधि योजना
 प्रकाश न्यूज़ ऑफ़ इंडिया |PrakashNewsOfIndia.in|
Last Updated: Sat, 25 July 2020; 10:00:00 AM

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। सरकार यह मदद 2-2 हजार रुपये की तीन किस्त के जरिए किसानों के अकाउंट में ट्रांसफर करती है। किसानों के खातों में अगली किस्त 1 अगस्त को ट्रांसफर की जा रही है। किसानों के खातों में 1 अगस्त से 2000 रु की छठीं किस्त ट्रांसफर की जाने लगेंगी।
ऐसे में किसानों के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे पुख्ता कर लें कि जो जानकारी उन्होंने आवेदन करते हुए दी थी उसमें किसी तरह की कोई कमी तो नहीं। अगर ऐसा होता है तो आपकी किस्त को रोक लिया जाएगा। यह जानना जरूरी है कि आपके आवेदन का स्टेटस क्या है।आवेदक पीएम किसान सम्मान निधि योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in के इस लिंक पर जाकर लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकते हैं।

किश्त पेमेंट स्टेटस ऑनलाइन देखेंने का तरीका

वो सभी किसान भाई जो योजना के लाभार्थी हैं, ऑनलाइन ही योजना के आवेदन और पेमेंट की स्तिथि देख सकते हैं | आप आसानी से जान सकते हैं आपकी दो हजार रुपये की किश्त कब जारी हुई, हुई या नहीं हुई और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी भी |पूरी प्रक्रिया की जानकारी नीचे दी गई है | आपसे आवेदन है, दी गई जानकारी ध्यान से पढ़ें और ठीक उसी क्रम में पालन करें
  • स्टेप 1 :- स्टेटस जानने के लिए सबसे पहले पीएम किसान सम्मान निधि योजना के पोर्टल पर जाएं. ये पोर्टल pmkisan.gov.in है.

  • स्टेप 2 :- पोर्टल पर जाने के बाद,  “Farmer’s corner” सेक्शन में जाएँ |
  • स्टेप 3 :- “Farmer’s corner” पर क्लिक करने के बाद आप दे “Benificary status” ऑप्शन पर क्लिक करें.

  • स्टेप 4 :- “Beneficiary Status” पर क्लिक करने के बाद जो पेज खुलेगा उसमें नजर आ रहे बॉक्स में अपना,

  1. आधार नंबर (Check PM kisan Samman Yojna status by Aadhar Number)
  2. अकाउंट नंबर(Check PM kisan Samman Yojna status by Account Number)
  3. या फिर फोन नंबर(Check PM kisan Samman Yojna status by Mobile Number)
  • डालकर, तीनों में से जो भी इन्फॉर्मेशन डाली है उसके ऑप्शन पर टिक कर दें.

  • स्टेप 5 :- आधार, अकाउंट या मोबाइल नंबर डालने के बाद “Get Data” पर क्लिक कर दें.
  • स्टेप 6 :- “Get Data” पर क्लिक करने के बाद आप अपना स्टेटस देख सकेंगे. इसमें आपकी तीनों किस्तों की डिटेल्स दिखाई जाएंगी.

जैसा के आप ऊपर फोटो में देख सकते हैं, सही जानकारी भरने के बाद आपको किसान सम्मान निधि योजना के आवेदन से सम्बंधित सारी जानकारी मिल जायेगी | जैसे के आवेदक की रजिस्ट्रेशन संख्या , रजिस्ट्रेशन डेट, अकाउंट नंबर , पहली, दूसरी और तीसरी किश्त की जानकारी |
  • उपर्युक्त प्रक्रिया से PM Kisan Yojana में जिन जिन किसानों ने आवेदन किया या वो अपने आवेदन की स्तिथि ऑनलाइन देख सकते हैं । साथ ही साथ जिन किसानों का आवेदन स्वीकार हो चूका है वो अपने किश्त भुगतान की स्तिथि देख सकते हैं

आशा है इस लेख के माध्यम से किसान सम्मान योजना की आवेदन की स्तिथि और खाते में पैसे भेजे गए या नहीं, यह जानकारी आपको मिल गई होगी | किसी प्रश्न या सुझाव के लिए हमें नीचे लिखें-----
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उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले तीन घंटे में बारिश होने की चेतावनी मौसम विभाग ने दी है। लखनऊ के अमौसी स्थित आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बलिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, अम्बेडकर नगर, सुल्तानपुर, आजमगढ़, बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई  जिले  में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
Rain/thundershowers&lightning very likely to occur during next 3 hours (valid up to 12:15 hrs) at few places over Ballia, Gorakhpur, Sant Kabir Nagar, Basti, Ambedkar Nagar, Sultanpur, Azamgarh, Barabanki, Sitapur, Hardoi. districts&adjoining areas: Meteorological Centre, Lucknow
मौसम विभाग ने बताया कि मौसम में तेज हवाओं और हल्की बूंदाबांदी का दौर बना रहेगा। गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। जिलों के अलग-अलग हिस्सों में आंधी-पानी के आसार हैं। 

प्रकाश न्यूज़ ऑफ़ इंडिया |PrakashNewsOfIndia.in|
Last Updated: Sat, 18 July 2020; 01:53:00 PM
फल खाने से वैसे तो हमारी सेहत हर मामले में फिट रहती है।  शुगर के रोगियों को पर अपने खाने पीने का खास ख्याल रखना पड़ता है। लेकिन शुगर रोगियों के लिए पपीता बेहद ही लाभकारी होता है। ये एक औषधि की तरह काम करता है। यदि हर दिन शुगर के रोगी इसे खाएं तो उन्हें कभी भी शुगर बढ़ने की शिकायत नहीं होगी।

आजकल इस बीमारी की चपेट में 50 से कम उम्र के टीनेजर्स भी आते हुए नजर आरहे हैं। ऐसे में एक आसान तरीके से आप हम आपको फिट रहने की सलाह देने वाले हैं। शुगर के मरीजों को अपनी डेली डायट में पके हुए पपीते का सेवन करना चाहिए। आप इसकी सलाद बनाकर खा सकते हैं। आप इसका सेवन नाश्ते और लंच के बीच के समय या फिर लंच और डिनर के बीच के समय कर सकते हैं जोकि काफी  उपयोगी होगा।

सिर्फ पका हुआ ही नहीं बल्कि कच्चा पपीता भी काफी लाभकारी होता है। इस कच्चे पपीते की आप सब्जी और अचार तक बना सकते हैं। शुगर के मरीजों के लिए पपीता खाना बिल्कुल किसी औषधि का सेवन करने जैसा है। 
पपीते में पाए जाते हैं ये गुण
- पपीता बहुत ही ज्यादा लाभकारी होता है। इसमें विटमिन ए और सी की मात्रा पाई जाती है। विटमिन ए शुगर का असर हमारी आंखों पर बिल्कुल भी नहीं होने देता है और उनकी रोशनी को भी सही बनाए रखना का काम करता है।
- विटमिन सी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने और बढ़ाने का काम करता है।
- पपीते में मैग्नीशियम और पोटैशियम बहुत ही संतुलित मात्रा में पाए जाते हैं जोकि हमारे शरीर को फिट रखने में मदद करता है।
- विटमिन और मिनरल्स की संतुलित मात्रा भी पपीते मे पाइए जाती है जोकि हमारे शरीर में बढ़े हुए शुगर के स्तर को कम करता है। जब रक्त में ग्लूकोज की मात्रा सीमित हो जाती है तो इंसुलिन का स्तर भी ठीक हो जाता है।
इन बातों का रखें खास ख्याल
- एक बार में पपीते को अधिक मात्रा में बिल्कुल भी नहीं खाए। आप हर एक दिन छोटे पपीते का सेवन कर सकते हैं।
- इस बात का ध्यान रहें कि पपीते को चाकू से काटने के बाद 6 घंटे के भीतर ही खा लेना चाहिए। इस केट हुए पपीते को आप बिल्कुल भी फ्रिज में स्टोर न करें।


प्रकाश न्यूज़ ऑफ़ इंडिया |PrakashNewsOfIndia.in|
Last Updated: Sat, 04 July 2020; 04:08:00 AM


कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए डॉक्टर और विशेषज्ञ शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की अपील कर रहे है। जिसके कारण अब अधिकतर लोग अपने खान-पान की चीजों को लेकर सर्तक रह रहे है ताकि वह अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकें।


ऐसी ही एक औषधि तुलसी है जिसका नियमित सेवन करके हम अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते है।
वैसे हम सभी लोगों के घरों में तुलसी के पौधे की पूजा की जाती है और इसे सुख और कल्याण का माध्यम भी माना जाता है। इसके साथ ही साथ इसमे कई तरह की औषधि भी पाई जाती है जिसका प्रयोग करके हम लोग कई तरह की  बीमारियों से बच सकते है। तो चलिए हम आपको इसके अनगिनत फायदों से रूबरू करवाते है


-यदि आप लोगों को सर्दी, जुखाम और बुखार आदि की समस्या हो तो आप मिश्री, काली मिर्च और तुलसी के पत्ते को पानी में अच्छी तरह से पकाकर उसका काढ़ा बना सकते है और थोड़ा गुनगुना होने के बाद में उस पानी का सेवन कर सकते है जिसको पीने से आपको फायदा होता है और अगर आप लोग चाहें तो इसकी गोलियां बनाकर भी खा सकते हैं।

- तुलसी में एंटीसैप्टिक और एंटीबैक्टीरियल जैसे गुण पाए जाते है,जो हमारी शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को मजबूत बनाने में हमारी काफी मदद करता है। जिसका रोजाना सेवन करने से कई तरह के संक्रमण की आशंका को कम करती है।

- हमारे शरीर में त्वचा संबंधी कई रोगों की समस्या को खत्म करने में भी तुलसी काफी फायदेमंद है। इसको रोजाना इस्तेमाल करने से चेहरे में मौजूद कई तरह के कील-मुहांसे खत्म हो जाते हैं और जिससे हमारा चेहरा साफ और चमकदार बन जाता है।

- अगर आप लोगों के शरीर में कहीं पर चोट लग गई है।  तो भी आप तुलसी के पत्ते को फिटकरी के साथ मिलाकर लगाने से चोट का घाव जल्दी से सही हो जाता है। क्योकि. तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल तत्व होते हैं जो घाव को पकने नहीं देता है। इसके साथ ही साथ तुलसी के पत्ते को तेल में मिलाकर लगाने से जलन भी कम हो जाती है।

-हमारी सांस में मौजूद दु्र्गंध की समस्या को भी दूर करने में भी तुलसी के पत्ते काफी फायदेमंद होते हैं। इससे किसी भी तरह का कोई भी साइडइफेक्टनहीं होता है। अगर आपके मुंह से लगातार बदबू आ रही है तब भी आपको तुलसी के कुछ पत्तों को चबा लेना चाहिए। जिससे आपकी मुंह से आने वाली दुर्गंध चली जाती है।


प्रकाश न्यूज़ ऑफ़ इंडिया |PrakashNewsOfIndia.in|
Last Updated: Fri, 26 Jun 2020; 07:05:00 PM




आवेदन के लिए किन-किन दस्तावेजों को जमा कराना जरूरी है : पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत आवेदन करने के लिए किसानों को अपने नाम और उम्र के साथ लिंग, जाति, बैंक के खाता का नंबर, बैंक का आईएफसी कोड, मोबाइल नंबर, आधार नंबर (आधार नंबर नहीं रहने की स्थिति में आधार एनरॉलमेंट नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड भी मान्य होगा) आदि जमा कराना जरूरी है.
किसको मिलेगा योजना का लाभ : केंद्र ने देश की राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों को मौजूदा भूमि स्वामित्व प्रणाली का उपयोग करने के लिए कहा है, ताकि लाभार्थियों की पहचान की जा सके और पीएम-किसान पोर्टल पर परिवार के विवरण अपलोड होने के बाद उनके खाते में पैसे भेजें जा सकें. इसमें कहा गया है कि पात्र लाभार्थी किसानों की पहचान करने और पीएम-किसान पोर्टल पर उनका विवरण अपलोड करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से राज्य सरकारों की है. एक बार आवेदन करने के बाद राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को उस बारे में जांच करने का अधिकार है. सब कुछ सही पाए जाने पर ही इस योजना के तहत लाभ का हकदार माना जाता है.
आवेदन करने पर यहां पर सूची में देख सकते हैं अपना नाम : पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन करने वाले किसान ऑनलाइन भी लाभार्थियों की सूची में अपना नाम देख सकते हैं. इसके लिए उन्हें सरकार की वेबसाइट pmkisan.gov.in पर क्लिक करना होगा. वेबसाइट खुलने के बाद मेन्यू बार देखें और यहां ‘फार्मर कार्नर’ पर जाना पड़ेगा. ‘लाभार्थी सूची’ के लिंक पर क्लिक करने के बाद उन्हें अपना राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव विवरण दर्ज करना होगा. इसके बाद उन्हें Get Report पर क्लिक करना होगा और उसके बाद उन्हें अपने नाम की जानकारी मिल जाएगी. जिन किसानों को इस योजना का लाभ सरकार की तरफ से दिया गया है उनके भी नाम राज्य/जिलेवार/तहसील/गांव के हिसाब से देखे जा सकते हैं. इसमें सरकार ने सभी लाभार्थियों की पूरी सूची अपलोड कर दी है.
हेल्पलाइन नंबर और मेल के जरिए भी ली जा सकती है जानकारी : सरकार की इस योजना के तहत आवेदन करने वाले किसान पीएम किसान हेल्पलाइन नंबर 155261, पीएम किसान टोल फ्री नंबर 1800115526, और पीएम किसान लैंड लाइन नंबर 011-23381092, 23382401 पर भी संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, किसान मेल आईडी pmkisan-ict@gov.in पर ईमेल भी कर जानकारी हासिल सकते हैं.

Theanndata
प्रकाश न्यूज़ ऑफ़ इंडिया |PrakashNewsOfIndia.in|
Last Updated: Thu, 18 Jun 2020; 11:05:00 AM


  •  धान में घासों के नियंत्रण के लिए बुआई / रोपाई के 0-3 दिन के अंदर प्रेटिलाक्लोर 50 % ई.सी. 500 मिली प्रति एकर 200 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें । 

  •  धान में चौड़ी एवं घास कुल एवं मोथा को नियंत्रित करने के लिए बेनसल्फ्युरान मिथाईल 0.6 % प्रेटीलाक्लोर 6 % जी.आर. ( लोनडेक्स पावर ) 4 किलोग्राम व्यापारिक मात्रा प्रति एकर रोपाई के 0 से 3 दिन के अंदर छिडकाव करें । या 

  • धान में चौड़ी , घास कुल एवं मोथा को नियंत्रित करने के लिए बिसपायरिबेक सोडियम 10 % एस . सी . ( एडोरा ) 80 मिली व्यापारिक मात्रा प्रति एकर 120 लीटर पानी में घोलकर बुआई / रोपाई के 15 से 20 दिन बाद छिड़काव करें । या 

  • धान में चौड़ी एवं घास कुल एवं मोथा को नियंत्रित करने के लिए मेटासल्फयूरान मिथाइल 10 % + क्लोरिम्यूरान इथाइल 10 % डब्ल्यू . पी ( एलमिक्स ) 8 ग्राम व्यापारिक मात्रा प्रति एकर 150 लीटर पानी में घोलकर बुआई / रोपाई के 15-20 दिन बाद छिड़काव करें । 

By- दि अन्नदाता, सुलतानपुर |PrakashNewsOfIndia.in|
Last Updated: Mon, 15 Jun 2020; 06:30:00 PM

सुलतानपुर: लॉकडाउन में परदेश से आये श्रमिक और किसान अब खेती कर पेट पालने में लगे हुए हैं। बहुतों के घर का चूल्हा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'मनरेगा' में काम करके जल रहा है तो बहुत से लोग खेती- किसानी करके गुजारा करने की कोशिश में लगे हैं। हालांकि लॉकडाउन का खाली समय कुछ लोगों के लिए किसी वरदान से कम भी नहीं है। सब्जी के दाम घटने के बाद खेतों में मेहनत कर सब्जी की फसल का उत्पादन करने वाले किसान अब समय से पहले ही धान की नर्सरी तैयार कर धान के रोपाई की तैयारी में हैं। गांवों में किसानों नें खरीफ फसल की तैयारी समय से पहले ही कर ली है। किसानों का कहना है कि अब बस बारिश का इंतजार है। जिले के बहुत से किसानों ने समय से धान का बीज खरीद नर्सरी डाली थी। जिसको पच्चीस दिन के करीब होने को हैं। उनकी नर्सरी पूरी तरह तैयार है। बारिश के बाद खेतों में पानी होते ही धान की रोपाई का काम शूरू हो जाएगा।

प्रकाश न्यूज़ ऑफ़ इंडिया |PrakashNewsOfIndia.in|
Last Updated: Tue, 19 May 2020; 09:00:00 AM

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफान अम्फान (Amphan Cyclone) बहुत प्रचंड है, जो बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा सकता है.
देश के अंदर अम्फान प्रचंड चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है और 20 मई को पश्चिम बंगाल के दीघा द्वीप तथा बांग्लादेश के हतिया द्वीपसमूह के बीच दस्तक दे सकता है. इस दौरान हवाओं की रफ्तार 165 से 175 किलोमीटर प्रति घंटे की रह सकती है, जो 195 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. तूफान के दस्तक देने के दौरान समुद्र से करीब चार से छह मीटर ऊंची तूफानी लहरें आने के कारण पश्चिम बंगाल के दक्षिण और उत्तर 24 परगना जिलों के निचले इलाके जलमग्न हो सकते हैं. तटीय ओडिशा में भी 19 मई को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने की संभावना है। उत्तरी तटीय ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.

प्रकाश न्यूज़ ऑफ़ इंडिया |PrakashNewsOfIndia.in|
Last Updated: Fri, 15 May 2020; 05:50:00 PM

आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नें आर्थिक पैकेज के तीसरी किस्त की जानकारी दी. कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 लाख करोड़ रुपये की मदद का ऐलान किया है. वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने में जुटी है. सीतारमण ने कहा कि देश की ज्यादातार आबादी खेती से जुड़ी हुई है. लिहाजा उस सेक्टर पर फोकस करना जरूरी है.                   
                 (वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण)                     

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज किसानों को राहत की तीसरी किस्त की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों के लिए 500 करोड़ रुपए का पैकेज दिया जा रहा है। हर्बल कल्टीवेशन के लिए 4000 करोड़ रुपए का फंड दिया जा रहा है. नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड्स (NMPB)25 लाख हेक्टेयर में इसकी खेती होगी. इससे किसानों को 5000 करोड़ रुपए की आमदनी होगी.
  • पशुपालन में बुनियादी ढांचा सुधारने के लिए विकास फंड बनाने का फैसला किया गया है. देश के कई इलाकों में दूध का उत्पादन ज्यादा होता है वहां प्राइवेट निवेश का भी विकल्प है. इस ढांचे के विकास के लिए 15,000 करोड़ रुपए का फंड दिया जा रहा है.
  • प्रधानमंत्री मतस्य संपदा योजना के लिए 20,000 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे. 11,000 करोड़ रुपये समुद्री और अंतरदेशीय मत्सयपालन, 9000 करोड़ रुपये कोल्ड चेन के लिए ​दिया जाएगा. इससे मछली उत्पादन 70. लाख टन अगले 5 साल में होगा और 55 लाख लोगों को रोजगान मिलेगा.
  • फूड प्रोसेसिंग के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का ऐलान- सूक्ष्य, खाद्य संस्करण इकाइयों के लिए 10,000 करोड़ रुपये की योजना है. करीब 2 लाख सूक्ष्य इकाइयों को इसका लाभ मिलेगा. ये योजना कलस्टर आधारित होगी. इसमें स्थानीय कंपनियों को सपोर्ट किया जाएगा. जैसे बिहार का मखाना, यूपी के आम, जम्मू-कश्मीर के केसर जैसे खेती में कलस्टर बनाया जाएगा.
  • आमदनी बढ़ाने के लिए मिलेगा एक लाख करोड़ रुपये - किसान निर्यात में मदद करते हैं लेकिन भंडारण की कमी और संवर्द्धन के लिए 1 लाख करोड़ रुपए का फंड दिया जाएगा. इससे कीमत बढ़ाने में भी मदद मिलेगी और किसानों की आय बढ़ेगी. 1 लाख करोड़ रुपए एग्रीगेटर्स, FPO, फार्मर प्रोड्यूसर को दिए जाएंगे ताकि गोदाम, स्टोरेज सेक्टर बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा.


                    कोरोना से बचने के उपाय
जैसा की आप सब जानते हैं की दुनिया भर में कोरोना के कारण होने वाली बीमारी कोविड -19 का कहर जारी है और अब यह बिमारी एक महामारी का रूप ले चुकी है, चूँकि इस बिमारी का इलाज या टीका अभी तक इजात नहीं हो पाया है ऐसे में हम सिर्फ एहतियात बरत कर ही इस हम इससे बच सकते हैं और अपने देश को इससे जिता सकते हैं लिहाजा इन दिनों आप कुछ बातों का अतिरिक्त ध्यान रखें जैसे की हर एक घंटे के बाद अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह से धोएं विषेशतः तब जब आप कहीं बाहर से आये हो अथवा कुछ भी खाने से पहले, अपने आँख नाक मुँह को हाथ लगाने से बचे, आवश्यक कार्य हेतु ही बाहर निकले और निकलने पर मुँह अथवा नाक को मास्क अथवा किसी भी कपडे से अच्छी तरह ढके और किसी भी भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें अथवा आवश्यक सामग्री लेने हेतु सामाजिक दुरी बनाये रखें I जिन लोगों के पास एंड्राइड फ़ोन है वो कृपया आरोग्य सेतु ऐप इनस्टॉल करें जिससे वे अपने संक्रमण का स्वयं मूल्यांकन अथवा अपने निकट में उपस्थित सकारात्मक कोविड-१९ के होने पर सूचित हो सके ।


  कैसे बनाये लॉकडाउन को मजेदार और बढ़ाये अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता-


जैसा की अब तक के शोध में पाया गया है की यह बिमारी ज्यादातर बुजुर्ग अथवा पहले से किसी गंभीर बिमारी से ग्रसित लोगों अथवा उन लोगों में ज्यादा आसानी से फ़ैल रही है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है ऐसे में मैं आपको यह जानकर ख़ुशी होगी की भारतीय कृषि अनुसन्धान के वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसी सरल तकनीक साझा की है जिससे आप घर बैठे पौष्टिक से भरपूर भोजन ग्रहण कर सकते हैं । जिसमे उन्होंने बताया है की आप इस लॉकडाउन के समय में अपने ही घरों में रहकर एक से दो सप्ताह के सीमित समय में ही पोषक तत्वों से भरपूर विभिन्न फसलों को मइक्रोग्रिन्स की तरह ऊगा सकते हैं । इन्हे उगाना बेहद ही सरल एवं मजेदार है । आप इन्हे थोड़े थोड़े समय के अंतराल पर कई बार ऊगा सकते हैं बशर्ते इन्हे सूरज की रौशनी मिलती रहे । इसके लिए आप अपने घरों में उपलब्ध मेथी, मटर, चना, मूंग अथवा मसूर की दाल को मइक्रोग्रिन्स की तरह ऊगा कर अपने भोजन को और भी पौष्टिक अथवा स्वादिष्ट बना सकते हैं । इन्हे उगाने के लिए किसी ट्रे अथवा डिब्बे में ३ से ४ इंच की मोटी मिटटी की परत बना ले तथा मिटटी की सतह पर बीज को फैला कर उस पर मिटटी की एक पतली परत डाल कर नमी के लिए उस पर पानी का छिड़काव कर उसको किसी पॉलिथीन से ढक कर रख दे । दो से तीन के बाद जब बीज अंकुरित हो जाए तब इन्हे धुप वाली जगह में रख कर इन पर दिन में दो से तीन बार पानी का छिड़काव कर नमी बनाये रहे । आपकी फसल एक से दो सप्ताह में काटने लायक हो जायेगी जिसके उपरान्त आप उसे कैंची से काट कर विभिन्न तरीकों से खाने के उपयोग में ला सकते हैं ।

         मइक्रोग्रिन्स के पोषक तत्वों के महत्व-

मइक्रोग्रिन्स विटामिन्स, पोषक तत्वों तथा तमाम बायोएक्टिव कंपाउंड्स जैसे की पॉलीफेनोल्स, कैरोटेनॉयड्स तथा एंटीऑक्सिडेंट्स के खजाने के रूप में माना जाता है जिससे यह हमारे शरीर में उत्पन्न होने वाले फ्री रेडिकल्स को नष्ट करने में मदद करता है जिससे हम तमाम तरह के ह्रदय रोग एवं श्वाँस रोगों के होने से बचा जा सकता है अतः इस लॉकडाउन के दौरान इसको उगा कर भोजन में लाने से न सिर्फ आपकी घर में व्यस्तता बढ़ेगी अपितु आप अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाने में कारगर साबित होंगे ।
                किसान भाइयों के नाम सन्देश-

हालाँकि इस संकट के समय में स्वास्थय कर्मी तथा सुरक्षा कर्मियों का योगदान अमूल्य रहा है किन्तु हमारे किसान भाइयों के योगदान को भी हम नकार नहीं सकते जिनकी बदौलत हम अपने घरों में रहते हुए भी अपनी भूख को मिटा पा रहे हैं। उनके इस योगदान के लिए पूरा देश स्वास्थय कर्मियों तथा सुरक्षा कर्मियों के साथ साथ उनका भी ऋणी रहेगा। इसलिए मेरा किसान भाइयों से अनुरोध है की जिस तरह से स्वास्थय कर्मी तथा सुरक्षा कर्मी कोरोना को हराने में लगे हैं तथा उसकी हार के बाद हमारे jकिसान भाइयों के मजबूत कन्धों पर इस देश की अगली लड़ाई जिसमे हमें खाद्यानो की आपूर्ति नहीं होने देनी है तथा भारत की अर्थव्यवस्था को पुनः एक नयी गति प्रदान कर उसके लिए सशक्त प्रयास कर के आगे बढ़ने के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है अतः उसके लिए आप स्वयं को सुरक्षित हुए एवं सरकार के नियमो का पालन करते हुए फसलों की कतई एवं बुवाई का कार्य सुनिश्चित करें। इस लड़ाई में सभी का योगदान अमूल्य है हम सभी का इस लड़ाई में साथ रह कर संघर्ष करने के लिए धन्यवाद देते हैं। हमें आगे भी ऐसे ही संयम और समझदारी बनाये रखना होगा।
घरों में रहे, एहतियात बरतें, सरकारी नियमों का पालन करें, देश की इस लड़ाई में उसका साथ दें।

  मैं सुरक्षित हम सुरक्षित । 
जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान।

                जय हिन्द जय भारत ।।


लेखक:डॉ नितिश शर्मा  (Assistant Professor ) कृषि संकाय, श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी, देवा रोड, लखनऊ ।
             

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उत्तर प्रदेश: देश में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए मोदी सरकार ने 21 दिनों तक पूरे भारत में लॉकडाउन का ऐलान किया है। यानी 25 मार्च से 14 अप्रैल तक पूरे देश में लॉकडाउन रहेगा। इतनी लंबी बंदी की वजह से जहां तमाम कारोबारी गतिविधियां थम गई हैं, वहीं बुरी तरह प्रभावित भी हुई हैं। अब इस बंदी की मार देश के किसानों पर पड़ने वाली है, जिससे वे भारी संकट में आ सकते हैं। #Theanndata

देश में यह गेहूं की फसल काटने का पीक सीजन है, जो अब तक शुरू हो चुका होता है। लेकिन पीएम के लॉक डाउन आदेश के मुताबिक 14 अप्रैल तक कटाई रोके जाने से फसलों का भारी नुकसान हो सकता है, जिसकी मार किसानों पर पड़नी तय है। क्योंकि इस रबी सीजन खेतों में बंपर फसल आई है। इस बार करीब 10.5 करोड़ टन गेहूं की पैदावार का अनुमान है। लेकिन इन अनुमानों से किसान अभी ठीक से खुश भी नहीं हो पाया था कि कोरोना की वजह से लॉकडाउन की मार पड़ गई। #Theanndata

 "नहीं मिलेगा पीएम फसल बीमा योजना का लाभ"

फसलों को लेकर यह चिंता इसलिए भी गंभीर है क्योंकि खड़ी फसल को न काटने से होने वाली बर्बादी को लेकर पीएम फसल बीमा योजना में कोई नियम नहीं है। बीमा कवर में सभी नियम फसलों में कीड़ा लगने, प्राकृति आपदा जैसी स्थितियों को लेकर ही है। सरकार समेत सभी को पता है कि देश में यह समय गेहूं की फसल की कटाई का है। उसके बावजूद राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में पीएम मोदी ने किसानों की समस्या के बारे में एक शब्द नहीं बोला।
 #Theanndata
किसानों को यह चिंता इसलिए भी डरा रही है क्योंकि लॉकडाउन की स्थिति 14 अप्रैल के बाद भी आगे जारी रहने की संभावना है। किसानों का कहना है कि ये रबी फसल की कटाई का पीक समय है। इसके बाद एक अप्रैल से मंडी जाकर बेचने का सीजन शुरू होता है। किसान पूछते हैं कि अगर बंदी जारी रही तो फसल कब कटेगी और बिकने के लिए मंडी कब पहुंचेगी। #Theanndata

सरसो का रकबा कम होने से कटाई लगभग हो गई


सरसों का रकबा कम होने के कारण किसानों ने जैसे-तैसे स्थानीय मजदूरों की मदद से सरसों की कटाई तो कर ली, लेकिन गेहूं की कटाई दूसरे प्रदेशों के मजदूरों की मदद के बगैर संभव नहीं। यही वजह है कि प्रदेश में जो थोड़े-बहुत मजदूर हैं भी तो उनकी बुकिंग पहले ही शुरू हो हो गई है। इन मजदूरों के पास किसान दिन-रात चक्कर लगा रहे, ताकि फसल कटाई के समय कुछ राहत मिले। #Theanndata

कंबाइन से फसल कटाई पर फाने जलाने का खतरा

मजदूरों के नहीं मिलने से किसानों के पास दूसरा विकल्प कंबाइन से गेहूं की कटाई का है। इसमें भी मुश्किल यह कि प्रदेश में किसानों के पास कंबाइन मशीनें नाममात्र हैं। हर बार फसल सीजन में दूसरे राज्यों से कंबाइन मशीनें यहां पहुंचती हैं, राज्य की सीमाएं सील होने से उत्तर प्रदेश में उनकी एंट्री मुश्किल होगी। इसके अलावा कंबाइन से फसल कटवाने पर फाने (गेहूं की फसल के अवशेष) खेतों में रह जाएंगे। किसानों द्वारा इसे जलाने की स्थिति में प्रदूषण का खतरा रहेगा।और प्रशासनिक कार्यवाही। #Theanndata
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MARCH 26, 2020


नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण (Coronavirus outbreak) के संकट का गरीबों और किसानों (Farmers) पर ज्यादा असर न पड़े इसके लिए सरकार ने बड़े आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है. 14.5 करोड़ किसानों के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया है. इसके तहत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Scheme) के तहत रजिस्टर्ड किसानों को अप्रैल के पहले सप्ताह में 2000 हजार रुपये उनके बैंक अकाउंट में भेजे जाएंगे. यह स्कीम की दूसरी किश्त होगी. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मल सीतारमण और राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस बात की जानकारी दी. जानकारी के मुताबिक योजना के तहत करीब 9 करोड़ किसान रजिस्टर्ड हो चुके हैं. ऐसे में कृषि क्षेत्र के इतने परिवारों को सीधे 18 हजार करोड़ रुपये की मदद मिल सकती है.

नहीं मिल रही रकम,तो हो ना निराश उठाये ये कदम


अगर आपको अप्रैल के पहले हप्ते में पैसा नहीं मिले तो पहले अपने लेखपाल, कानूनगो और जिला कृषि अधिकारी से संपर्क करें. वहां से बात न बने तो केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से जारी हेल्पलाइन (PM-Kisan Helpline 155261 या 1800115526 (Toll Free) पर संपर्क करें. वहां से भी बात न बने तो मंत्रालय के दूसरे नंबर (011-23381092) पर बात करें. स्कीम का दूसरा चरण भी शुरू हो चुका है जिसके तहत 2000 रुपये की पहली किश्त करीब 3.5 करोड़ लोगों को मिल चुकी है.


सरकार ने देश के सभी 14.5 करोड़ किसानों को इस स्कीम का फायदा देने का लक्ष्य रखा था. सरकार ने यह भी कह दिया है कि हर घर के जिस बालिग व्यक्ति का नाम रेवेन्यू रिकॉर्ड में दर्ज है वो इसका अलग से फायदा लेकर अपनी खेती-किसानी को आगे बढ़ाए.

उसे अलग से 6000 रुपये सालाना मिलेंगे. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि एक ही खेती योग्य जमीन के भूलेख पत्र में अगर एक से ज्यादा व्यस्क सदस्य के नाम दर्ज हैं तो योजना के तहत हर व्यस्क सदस्य अलग से लाभ के लिए पात्र होगा.

  
      किन किसानों को नहीं मिलेगा लाभ


 (1)  कृषि मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक ऐसे किसान जो भूतपूर्व या वर्तमान में संवैधानिक पद धारक हैं, वर्तमान या पूर्व मंत्री हैं, मेयर या जिला पंचायत अध्यक्ष हैं, विधायक, एमएलसी, लोकसभा और राज्यसभा सांसद हैं तो वे इस स्कीम से बाहर माने जाएंगे. भले ही वो किसानी भी करते हों.


 (2)  केंद्र या राज्य सरकार में अधिकारी एवं 10 हजार से अधिक पेंशन पाने वाले किसानों को लाभ नहीं.


(3)  पेशेवर, डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, वकील, आर्किटेक्ट, जो कहीं खेती भी करता हो उसे लाभ नहीं मिलेगा.


 (4)  पिछले वित्तीय वर्ष में इनकम टैक्स का भुगतान करने वाले किसान इस लाभ से वंचित होंगे. 


(5)  केंद्र और राज्य सरकार के मल्टी टास्किंग स्टाफ/चतुर्थ श्रेणी/समूह डी कर्मचारियों लाभ मिलेगा.

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