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मूल कर्त्तव्य पहले से संविधान में नहीं थे। इन्हें संविधान के 42वें संशोधन (1976)द्वारा जोड़ा गया है। यह श्री स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर आंतरिक आपातकाल की ज़रूरत एवं आवश्यकताओ को पूरा करने के लिए लाया गया था।

 इसके अनुसार भारत के प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य होगा कि वह:--


  • (क) संविधान का पालन करे और उसके आदर्शों,संस्थाओं, राष्ट्र ध्वज और राष्ट्र्गान का आदर करे।
  • (ख)स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आन्दोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शो को हृदय में संजोए रखे व उनका पालन करे।
  • (ग)भारत की संप्रभुता एकता व अखंडता की रक्षा करें और उसे अक्षुण्ण बनाये रखें।
  • (घ)देश की रक्षा करें और आवाह्न किए जाने पर राष्ट् की सेवा करें।
  • (ङ)भारत के सभी लोगों में समरसता और समान भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करें जो धर्म, भाषा और प्रदेश या वर्ग आधारित भेदभाव से परे हों, उन सभी प्रथाओं का त्याग करें जो महिलाओं के सम्मान के विरुद्ध हों।
  • (च) हमारी सामासिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा का महत्त्व समझें और उसका परिरक्षण करें।
  • (छ)प्राकृतिक पर्यावरण जिसके अंतर्गत वन, झील,नदी वन्य प्राणी आदि आते हैं की रक्षा करे और उसका संवर्धन करें तथा प्राणी मात्र के प्रति दयाभाव रखें।
  • (ज) वैज्ञानिक दृष्टिकोण मानववाद व ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करें ।
  • (झ) सार्वजनिक सम्पत्ति को सुरक्षित रखें व हिंसा से दूर रहें।
  • (ञ)व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कर्ष की ओर बढ़ने का सतत प्रयास करें जिससे राष्ट्र निरंतर बढ़ते हुए प्रयत्न और उपलब्धि की नई ऊँचाइयों को छू ले।
  • (ट) 6 से 14 वर्ष तक की उम्र के बीच अपने बच्चों को शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना।(इसे 86वें संविधान संशोधन,2002 द्वारा जोडा गया)

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अंकुर पाठक, सुल्तानपुर

Last Updated: 22 JAN 2021, Friday


तूने मुझे बुलाया शेरावालिये... जैसा कालजयी भजन गाने वाले गायक नरेंद्र चंचल अब दुनिया में नहीं रहे। उनका सुबह दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। अमृतसर में जन्मे तथा जालंधर को अपनी कर्मभूमि मानने वाले नरेंद्र चंचल के निधन से शहर के धार्मिक स्थलों में भी शोक की लहर है। सिद्ध शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर में हर वर्ष नवरात्रि के दिनों में हाजिरी लगवाने वाले नरेंद्र चंचल के शहर में वरुण मदान एकमात्र शिष्य है। जिन्होंने नरेंद्र चंचल से धार्मिक संगीत का ज्ञान प्राप्त किया है। नरेंद्र चंचल के निधन की खबर मिलते ही वरुण मदान साथियों के साथ दिल्ली रवाना हो गए हैं। उनके निधन पर श्री देवी तालाब मंदिर प्रबंधक कमेटी के महासचिव राजेश विज, कैशियर पविंदर बहल, पवन मेहता, सौरभ शर्मा राकेश महाजन सहित सदस्यों ने शोक प्रकट किया है।

बता दें कि भजन सम्राट नरेंद्र चंचल का दिल्ली में निधन हो गया है। वह 80 साल के थे और पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। वह मूल रूप अमृतसर के रहने वाले थे लेकिन उनका जालंधर में अक्सर आना-जाना लगा रहता था। यह वह लगभग हर साल आते थे।

 20 जनवरी 2021,

गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती को प्रकाश पर्व या गुरु पर्व भी कहा जाता है. इस दिन सिख समुदाय के लोग प्रभात फेरी निकालते हैं. गुरुद्वारों में शबद कीर्तन का आयोजन किया जाता है और गुरबानी का पाठ किया जाता है. गुरु गोबिंद सिंह जी शिक्षाएं आज भी लोगों के लिए प्रेरणा हैं.

गुरु गोबिंद की शिक्षाएं लोगों के लिए प्रेरणा

आज सिखों के 10वें और अंतिम धर्म गुरु गोबिंद सिंह जी की 354वीं जयंती मनाई जा रही है. इस दिन को प्रकाश पर्व या गुरु पर्व भी कहा जाता है. आज के दिन देश-दुनिया में सिख समुदाय के लोग प्रभात फेरी निकालते हैं. गुरुद्वारों में शबद कीर्तन का आयोजन किया जाता है और गुरबानी का पाठ किया जाता है.

गुरु गोबिंद को ज्ञान, सैन्य क्षमता और दूरदृष्टि का सम्मिश्रण माना जाता है. गुरु गोबिंद सिंह जी का पूरा जीवन लोगों की सेवा और सच्चाई के लिए था.  उनके विचार और शिक्षाएं आज भी लोगों के लिए प्रेरणा हैं. गुरु गोबिंद सिंह की ये 10 खास बातें यदि आप अपने जीवन में उतार लें तो निश्चित ही आपको सफलता मिलेगी. 

  • 1.धरम दी किरत करनी: अपनी जीविका ईमानदारी पूर्वक काम करते हुए चलाएं.
  • 2. दसवंड देना: अपनी कमाई का दसवां हिस्सा दान में दे दें.
  • 3. गुरुबानी कंठ करनी: गुरुबानी को कंठस्थ कर लें.
  • 4. कम करन विच दरीदार नहीं करना: काम में खूब मेहनत करें और काम को लेकर कोताही न बरतें.
  • 5. धन, जवानी, तै कुल जात दा अभिमान नै करना: अपनी जवानी, जाति और कुल धर्म को लेकर घमंडी होने से बचें.
  • 6. दुश्मन नाल साम, दाम, भेद, आदिक उपाय वर्तने अते उपरांत युद्ध करना: दुश्मन से भिड़ने पर पहले साम, दाम, दंड और भेद का सहारा लें, और अंत में ही आमने-सामने के युद्ध में पड़ें.
  • 7. किसी दि निंदा, चुगली, अतै इर्खा नै करना: किसी की चुगली-निंदा से बचें और किसी से ईर्ष्या करने के बजाय मेहनत करें.
  • 8. परदेसी, लोरवान, दुखी, अपंग, मानुख दि यथाशक्त सेवा करनी: किसी भी विदेशी नागरिक, दुखी व्यक्ति, विकलांग व जरूरतमंद शख्स की मदद जरूर करें.
  • 9. बचन करकै पालना: अपने सारे वादों पर खरा उतरने की कोशिश करें.
  • 10. शस्त्र विद्या अतै घोड़े दी सवारी दा अभ्यास करना: खुद को सुरक्षित रखने के लिए शारीरिक सौष्ठव, हथियार चलाने और घुड़सवारी की प्रैक्टिस जरूर करें. आज के संदर्भ में नियमित व्यायाम जरूर करें.

चंडीगढ़: गोगा जाहरवीर शोभायात्रा कमेटी की ओर से चंडीगढ़ के सेक्टर 24 में नवनिर्वाचित मेयर रवि कांत शर्मा का भव्य स्वागत किया गयाl इस मौके पर चंडीगढ़ के नवनिर्वाचित मेयर रविकांत शर्मा, पार्षद सुनीता धवन भी उपस्थित रहे l

गुगा जाहर वीर शोभायत्रा कमेटी ने नवनिर्वाचित मेयर रविकांत शर्मा को लड्डुओं से तोला l वही मेयर रविकांत शर्मा व पार्षद सुनीता धवन को चांदी की शील्ड देकर सम्मानित भी किया गया l

शोभायात्रा  कमेटी के अध्यक्ष संदीप कुमार ने कहा गुगा जाहर वीर शोभायात्रा कमेटी चंडीगढ़ में वलिमकी समाज के उथान के लिए कार्य करती आ रही है वही कई वर्षो से गुगा जाहर के भव्य जागरण करती आ रही है l पिछले वर्ष कोरोना महामारी को देखते हुए कार्यक्रम को स्थगित किया था l 


वही चंडीगढ़ के नवनिर्वाचित मेयर रविकांत शर्मा ने कहा उनका शुरू से ही वाल्मीकि समाज से गहरा संबंध है और आगे भी वाल्मीकि समाज के उथान के लिए जो कार्य होंगे उसके लिए हमारे घर के दरवाजे हमेशा खुले है l

मेयर ने कहा दरगाह के लिए नगर निगम से ग्रांट दिलवाएंगे l इस कार्यक्रम में संदीप कुमार , पप्पू भगत , मोहन भगत , भिंडी , रमेश , शेखर , किरण बाला , चंचल माहि , बलबीर , पम्मा , सतपाल वर्मा , बीरपाल गुप्ता आदि उपस्थित रहे l

पहाड़ों पर ताजा बर्फ के बाद बुधवार को उत्तर भारत के कुछ इलाकों में शीतलहर का प्रकोप और बढ़ गया है। 

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की वजह से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और उत्तराखंड में बर्फ पड़ सकती है।

दिल्ली में शीतलहर का प्रकोप जारी है, ठंडी हवाओं से शहर का न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर की वजह से न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। जब न्यूनतम तापमान दो डिग्री या उससे कम होता है तो शीतलहर का कहर और तेज हो जाता है।


  
केंद्र सरकार के 3 नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों की बुधवार को सरकार के 3 मंत्रियों के साथ छठे दौर की वार्ता हुई।

बैठक खत्म होने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दावा किया है कि चार में से दो मुद्दों पर सहमति बन गई, जबकि अन्य दो मुद्दों के लिए चार जनवरी को फिर से बैठक होगी।

दोपहर ढाई बजे शुरू हुई किसान संगठन के नेताओं और सरकार के बीच बैठक के खत्म होने के बाद नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, ''आज की बैठक पहले की तरह बहुत अच्छे वातावरण में हुई। आज की बैठक में किसान संगठनों के नेताओं ने जो चार विषय चर्चा के लिए रखे थे, उसमें दो मुद्दों पर रजामंदी हो गई है। 

बिहार: कोरोना काल में हो रहे सबसे बड़े चुनाव के पहले चरण का मतदान खत्म हो गया है।

बुधवार को बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के लिए 16 जिलों की 71 सीटों पर सुबह 7 बजे से लेकर 6 बजे तक मतदान हुआ।

इस चुनाव में भाग्य आजमा रहे कुल 1066 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला मतदाताओं ने इवीएम में कैद कर दिया।

कोरोना के कारण इस चुनाव में काफी एहतियात बरती गई थी। सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का कड़ाई से पालन कराया गया।

बिना मास्क के मतदान करने आए वोटर्स को वोट देने की इजाजत नहीं दी गई। सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई थी। 

इक्का-दुक्का घटनाओं को छोड़ दें तो कुल मिलाकर पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।

वित्त मंत्रालय ने कोविड-19 संकट के कारण RBI की तरफ से कर्ज चुकाने को लेकर दी गई मोहलत से जुड़े ब्याज से छूट देने को लेकर दिशानिर्देश को मंजूरी दे दी है. इसके तहत 2 करोड़ रुपये तक के कर्ज पर छह महीने के लिए दी गई मोहलत के दौरान 'ब्याज पर ब्याज' और साधारण ब्याज के बीच अंतर के बराबर राशि का भुगतान सरकार करेगी.

सरकार की तरफ से यह घोषणा की गई है कि अगर किसी कर्जदार ने मोराटोरियम का लाभ नहीं उठाया और EMI का समय पर भुगतान समय पर किया है तो बैंक से उन्हें कैशबैक मिलेगा. इस स्कीम के तहत ऐसे कर्जदारों को 6 महीने के सिंपल और कम्पाउंड इंट्रेस्ट में डिफरेंस का लाभ मिलेगा. 

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को RBI की तरफ से कर्ज लौटाने को लेकर दी गई मोहलत के तहत 2 करोड़ रुपये तक के कर्ज पर ब्याज छूट योजना को जल्द- से -जल्द लागू करने का निर्देश दिया था. इसके बाद वित्त मंत्रालय की तरफ से यह दिशानिर्देश आया है. वित्तीय सेवा विभाग द्वारा जारी दिशानिर्देश के अनुसार कर्जदार संबंधित ऋण खाते पर योजना का लाभ ले सकते हैं.

नई दिल्ली: विपक्ष के भारी हंगामे के बीच कृषि से जुड़े दोनों विधेयक रविवार को राज्य सभा (Rajya Sabha) में पास हो गए. इससे पहले राज्य सभा में चर्चा के दौरान विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया था. नारेबाजी करते विपक्षी दलों के सांसद उपसभापति के आसन तक पहुंच गए थे. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर उस वक्त विपक्ष के सवालों का जवाब दे रहे थे. हंगामे बढ़ता देख राज्य सभा की कार्यवाही भी कुछ देर के लिए बाधित रही थी.

इससे पहले उच्च सदन में केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा चर्चा के लिए लाए गए दो अहम विधेयक, 'कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) विधेयक 2020 और कृषक (सशक्तीकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020' पर विपक्षी दलों के सांसदों ने पुरजोर विरोध करते हुए दोनों विधेयकों को किसानों के हितों के खिलाफ और कॉरपोरेट को फायदा दिलाने की दिशा में उठाया गया कदम करार दिया. दोनों विधेयकों को लोक सभा की मंजूरी मिल चुकी है.

पीएम मोदी ने फैसले को बताया ऐतिहासिक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए भारतीय कृषि इतिहास में इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया. उन्होंने आगे कहा कि ये (कृषि) विधेयक क्षेत्र में पूर्ण बदलाव सुनिश्चित करेंगे और करोड़ों किसानों को सशक्त बनाएंगे. दशकों तक बिचौलियों द्वारा किसानों को विवश रखा गया और तंग किया जाता रहा, लेकिन संसद द्वारा पारित विधेयक उन्हें मुक्ति दिलाएगा.

पीएम मोदी ने आगे कहा कि इससे किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों को गति मिलेगी और उनकी ज्यादा समृद्धि सुनिश्चित होगी. उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को नवीनतम प्रौद्योगिकी की नितांत आवश्यकता है. किसानों तक उसकी पहुंच अब सुगम होगी, जिससे उत्पादन बढ़ेगा. 

क्यों हुआ हंगामा
दरअसल, कृषि संबंधी दो विधेयकों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के बीच तीखी नोंकझोंक हुई. विधेयक पर चर्चा के दौरान विजय साई रेड्डी ने कांग्रेस के बारे में एक टिप्पणी की थी, जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया था. रेड्डी ने विधेयकों का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में ऐसे ही प्रावधानों का समर्थन किया था, लेकिन वह अब विधेयकों का विरोध कर रही है. इस क्रम में उन्होंने कहा, ‘यह कांग्रेस का दोहरा मापदंड है.’ 

साभार---

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा - फोटो : ANI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे ले जाते हुए शनिवार को जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राज्य के लिए 1,350 करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का एलान किया है।

उपराज्यपाल ने शनिवार को कहा, 'मुझे आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे राज्य के कारोबारियों के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। यह कारोबारियों को सुविधा देने के लिए हमारे द्वारा किए गए आत्मनिर्भर भारत और अन्य उपायों के लाभों के अतिरिक्त है।

इसके अलावा उपराज्यपाल ने बिजली-पानी के बिलों पर एक साल तक 50 प्रतिशत छूट का भी एलान किया। उन्होंने कहा, 'बिजली और पानी के बिल में एक साल तक के लिए 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

सभी कर्जधारकों के मामले में मार्च 2021 तक स्टैंप ड्यूटी में छूट दी गई है। अच्छे मूल्य निर्धारण पुनर्भुगतान विकल्पों के साथ पर्यटन क्षेत्र में लोगों को वित्तीय सहायता के लिए जम्मू और कश्मीर बैंक द्वारा कस्टम हेल्थ-टूरिज्म योजना की स्थापना की जाएगी।'

उपराज्यपाल ने कहा, 'हमने मौजूदा वित्तीय वर्ष में छह महीने के लिए बिना किसी शर्त के, कारोबारी समुदाय के प्रत्येक उधार लेने वाले व्यक्ति को पांच प्रतिशत ब्याज देने का फैसला किया है। यह एक बड़ी राहत होगी और यहां रोजगार पैदा करने में मदद मिलेगी।'

हथकरघा और हस्तशिल्प उद्योग में काम करने वालों को सात प्रतिशत सबवेंशन देने की घोषणा करते हुए उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा, 'क्रेडिट कार्ड योजना के तहत, हमने हथकरघा और हस्तशिल्प उद्योग में काम करने वाले लोगों के लिए अधिकतम सीमा एक लाख से 2 लाख रुपये तक बढ़ाने का फैसला किया है। उन्हें पांच प्रतिशत ब्याज सबवेंशन (आर्थिक मदद) भी दिया जाएगा।

इस योजना में तकरीबन 950 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और यह अगले 6 महीनों के लिए इस वित्तीय वर्ष में उपलब्ध रहेगा। वहीं एक अक्तूबर से, जम्मू और कश्मीर बैंक युवाओं और महिलाओं के उद्यमों के लिए एक विशेष डेस्क शुरू करेगा। जिसमें युवा और महिला उद्यमियों को काउंसिलिंग दी जाएगी।'

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के शोर-शराबे के बीच जहर भरा एक पार्सल वहां की पुलिस के हाथ लगा है। यह संदिग्ध पार्सल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नाम भेजा गया था। इस पैकेज में रिसिन नाम का जहर होने का संदेह है जिसकी पुष्टि के लिए दो-दो जांच की जा चुकी है। अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन ने शनिवार को पुलिस अधिकारियों के हवाले से यह खबर दी। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति भवन वाइट हाउस को भेजी गई हर चिट्ठी या पार्सल की छंटनी कर जांच की जाती है। जांच में कोई संदेह नहीं रहने पर ही उसे आगे वाइट हाउस तक भेजा जाता है।

अमेरिका की कानून प्रवर्तन एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा कि पैकेज संभवतः कनाडा से भेजा गया है। इसकी पुष्टि के लिए जांच जारी है। द फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) और सिक्रेट सर्विस मामले की जांच कर रही है। एफीआई के अधिकारी ने न्यूज चैनल सीएनएन को बताया, 'एफबीआई और हमारी सिक्रेट सर्विस और अमेरिकी पोस्टल इंस्पेक्शन सर्विस मिलकर मामले की जांच कर रहे हैं। फिलहाल आम लोगों के लिए किसी तरह के खतरे का कोई संदेह नहीं है।'

रिसिन बेहद घातक तत्व होता है जिसे कास्टर बीन्स से निकाला जाता है। इसका इस्तेमाल आतंकवादी हमलों में किया जा चुका है। इसे पाउडर, मिस्ट, पेलेट या एसिड के रूप में उपयोग में लाया जा सकता है। रिसिन जहर खा लेने पर व्यक्ति को उल्टियां आती हैं, पेट और आंतों के अंदर से खून का रिसाव होने लगता है, लीवर, स्प्लीन और किडनी फेल होने लगते हैं और आखिर में इंसान का पूरा सर्कुलेटरी सिस्टम ही ठप पड़ जाता है जिससे उसकी मौत हो जाती है।

डिजिटल पेमेंट कंपनी पेटीएम (Paytm) को गूगल प्ले स्टोर से हटा दिया गया है। गूगल ने कंपनी नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए ऐसा कठोर कदम उठाया है। गूगल का आरोप है कि पेटीएम फैंटेसी स्पोर्ट्स के प्रचार के बहाने गैंबलिंग को बढ़ावा दे रहा था। गूगल प्ले स्टोर की पॉलीसी के तहत भारत में गैंबलिंग लीगल नहीं है, ऐसे में इससे जुड़े ऐप को डाउनलोड करने की इजाजत भी नहीं है। इसी नियम के तहत पेटीएम को प्ले स्टोर से हटाया गया है। उधर, पेटीएम ने ट्वीट करके अपने ग्राहकों को भरोसा दिया है कि बहुत जल्द ऐप उपलब्ध होगा।

प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल इंडिया मुहिम का फायदा उठाते हुए पेटीएम ने अपने ऐप को हर घर, हर दुकान तक पहुंचाने का लक्ष्य बनाया। आंकड़ों की मानें तो करीब 5 करोड़ लोग इस समय पेटीएम के एक्टिव यूजर्स हैं। ऐसे में गूगल प्ले स्टोर से इसके गायब होने की सूचना के साथ ही लोगों के बीच तमाम आशंकाओं के बादल उमड़ने-घुमड़ने लगे हैं। इस बात का डर सताने लगा है कि उनके जमा पैसों का क्या होगा? कयासों के बाजार गरम हैं। तरह-तरह की चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि आपके पैसों का क्या होगा?


क्या बंद हो जाएगा पेटीएम?

सबसे पहले आपको ये बताते हैं कि गूगल प्ले स्टोर से पेटीएम ऐप के हटने के बाद आप उसे डाउनलोड नहीं कर सकते हैं। यानी कोई नया यूजर नए सिरे से इस ऐप को डाउनलोड नहीं कर पाएगा, लेकिन जिन यूजर्स के मोबाइल में ये ऐप पहले से डाउनलोड है, उनको कोई समस्या नहीं आने वाली है। आप पहले की तरह ही अपने सारे लेन-देन कर सकते हैं। पेटीएम ऐप पहले की तरह ही एक्टिव रहेगा। इसके जरिए आप पेमेंट कर सकते हैं। पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं।

पेटीएम में मौजूद पैसों का क्या होगा?

कुछ लोगों को इस बात की चिंता सता रही है कि उनके जमा पैसों और बैलेंस का क्या होगा? ऐसे में आपको घबराने की कोई जरूरत नहीं है। आपका पैसा बिल्कुल सुरक्षित है। गूगल की कार्रवाई के तुरंत बाद पेटीएम ने एक ट्वीट किया है, जिसमें कहा गया है, 'डियर पेटीएम यूजर्स, पेटीएम का एंड्रॉयड ऐप फिलहाल गूगल प्ले स्टोर पर न्यूज डाउनलोड और अपडेट्स के लिए उपलब्ध नहीं है। बहुत जल्द यह समस्या दूर हो जाएगी। आपका पूरा पैसा सुरक्षित है। यदि आपके पास पहले से पेटीएम ऐप है तो आप सर्विस एंजॉय करते रहेंगे।'

गूगल की गैंबलिंग पॉलिसी क्या है? 

गूगल ने अपनी गैंबलिंग पॉलिसी को लेकर स्थिति साफ कर दी। गूगल ने साफ कहा है, 'हम ऑनलाइन कसीनो या फिर किसी भी तरह के अनियमित गैंबलिंग ऐप जो स्पोर्ट्स में सट्टा लगाने की सुविधा देते हैं, को अपने प्लेटफॉर्म पर रहने की अनुमति नहीं देते हैं। इसमें ऐसे ऐप भी शामिल हैं, जो उपभोक्ताओं को ऐसी बाहरी वेबसाइटों पर ले जाते हैं, जो उन्हें किसी पेड टूर्नामेंट में नकद पैसे या फिर कैश प्राइज़ जीतने के लिए भाग लेने को कहते हैं। यह हमारी पॉलिसी का सरासर उल्लंघन है। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।'

क्या कर रहा है पेटीएम?

आईपीएल की लोकप्रियता को देखते हुए पेटीएम फर्स्ट गेम्स ऐप लॉन्च किया है। पेटीएम इसके जरिए 100 मिलियन से ज्यादा यूजर जुटाने का लक्ष्य रखा था। कंपनी ने अगले 6 महीने के दौरान 200 से ज्यादा लाइव इवेंट के आयोजन की योजना बनाई थी। पेटीएम ने हालही में क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को पेटीएम फर्स्ट गेम्स का ब्रांड एंबेसडर बनाया था। इस प्लेटफॉर्म पर 50 से ज्यादा गेम उपलब्ध हैं। यहां पर प्लेयर्स स्पेशल टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर 5 करोड़ रुपए तक का पेटीएम कैश जीत सकते हैं। 

प्लेयर्स के लिए कैश प्राइज 

इतना ही नहीं पेटीएम यहां आने वाले प्लेयर्स के लिए कैश प्राइज का भी इंतजाम कर रखा है। इस प्लेटफॉर्म पर रमी, फैंटेसी, लूडो और अन्य प्रकार के मल्टी प्लेयर गेम खेले जा सकते हैं। पेटीएम फर्स्ट गेम्स की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, प्लेयर एक्सक्लूसिव टूर्नामेंट में हर रोज एक लाख रुपए से अधिक की धनराशि जीत सकते हैं। गूगल का आरोप है कि इस ऑनलाइन फैंटेसी गेम के जरिए पेटीएम गैंबलिंग को बढ़ावा दे रहा है, जो कि उसकी पॉलिसी और भारतीय कानून के हिसाब से गलत है।


By- मुकेश मिश्रा

चंड़ीगढ़:  वार्ड नं 26 भाजपा एससी मोर्चा के जिला नं 4 के अध्यक्ष रवि लोहट के नेतृत्व में नव निर्वाचित कमेटी की मीटिंग रखी गई। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण कुमार महामंत्री भारत कुमार प्रदेश सचिव रविन्दर लोहट ने अपनी उपस्थिति दी।

इस कार्यक्रम में जिला नंबर 4 के उपाध्यक्ष आशु अठवाल एवं विनोद सिंह कागडा एवं उनकी समस्त टीम ने आये हुए मुख्य अतिथियो का स्वागत किया।

जिला नंबर 4 के महामंत्री सुनील मचल ने बताया ये कार्यक्रम नवनिर्वाचित टीम के सभी सदस्यों  के साथ एक परिचय सम्मेलन रखा है।

इस मौके पर ज़िला नं 4 के मंडल अध्यक्ष बिजेन्दर काला, सुरेंद्र कुमार ,दलीप, वीरेन्द्र, राज पांडेय, मुकेश मिश्रा, शक्ति श्रीवास्तव, गणेश दत्त पांडेय,श्रीनिवास काला , मेघराज, आकाश कुमार, राजेश जैसवाल ,रामराज मौर्या मौजूद रहे।

शैलजा कांत तिवारी |PrakashNewsOfIndia.in|
Last Updated: Sun, 6 Sep 2020; 08:33:00 AM
योगी सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में लंबी छलांग मारी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्य में रिफॉर्म को लेकर साल 2019 की सालाना रैंकिंग जारी की है. अब यूपी सीधा उछलकर 12 नंबर से 2 नंबर के पायदान पर काबिज हो गया है.

इसका मतलब ये कि उत्तर प्रदेश में कारोबार शुरू करना और उसे आगे बढ़ाना और आसान हो गया है. वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 'यूपी ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में कई अग्रणी राज्यों जैसे गुजरात, तेलंगाना, राजस्थान, महाराष्ट्र को पीछे छोड़ा है' 

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के ऑफिस ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, 'सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश समृद्धि और सृजन के नए सोपान रच रहा है. यूपी द्वारा 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग' में गत वर्ष 12वें स्थान के सापेक्ष इस वर्ष द्वितीय स्थान प्राप्त करना, इसका प्रमाण है. 'आत्मनिर्भर भारत' की संकल्पना साकार हो रही है.'

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग 

1. आंध्र प्रदेश
2. उत्तर प्रदेश
3. तेलंगाना
4. मध्य प्रदेश
5. झारखंड
6. छत्तीसगढ़
7. हिमाचल प्रदेश
8. राजस्थान
9. पश्चिम बंगाल 
10. गुजरात 

इसके अलावा जम्मू कश्मीर 21वें नंबर पर, गोवा 24वें पर, बिहार 26वें पर और केरल 28वें पायदान पर है. त्रिपुरा सबसे नीचे 36वें नंबर पर है. 

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग जारी करने का मकसद निवेशकों को आकर्षित करना और राज्य में कारोबारी माहौल सुधारने के लिए होता है. इस रैकिंग से पता चलता है कि व्यापार में सुधार के लिए कौन सा राज्य कितना बेहतर काम कर रहा है, जिससे कि निवेशक, उन राज्यों में व्यापार बढ़ाने के लिए आकर्षित हो.

एस०के० तिवारी, शिक्षा जगत |PrakashNewsOfIndia.in|
Last Updated: Sun, 4 Sep 2020; 08:43:00 PM
शिक्षक दिवस 2020: हर किसी की जिंदगी में शिक्षक की एक अहम भूमिका होती है। वह एक शिक्षक ही होता है, जो न केवल आपके करियर को संवारता है बल्कि आपके जिंदगी जीने का गुर भी सिखाता है। ऐसे ही अध्यापक के प्रति सम्मान और प्यार जाहिर करने के लिए हर साल 5 सितंबर को देश भर में बड़ी धूमधाम से शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

लेकिन इस बार का तरीका थोड़ा अलग रहेगा। दरअसल जहां हर साल इस दिन पर टीचर्स के सम्मान में तरह-तरह के प्रोगाम में आयोजित किए जाते हैं। वहीं इस बार देश भर में कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने की वजह से स्कूल-कॉलेज बंद होने से कोई प्रोगाम तो नहीं हो पाएंगे। लेकिन हां हर स्टूडेंट्स ने अपने प्रिय शिक्षक के प्रति प्यार प्रकट करने के लिए कई अन्य उपाय ढूंढ रहे होंगे।

वहीं इस मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर 5 सितंबर को ही शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है।

भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस पर इस दिन को मनाया जाता है। डॉ. राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था।

वहीं उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के बारे में मनाये जाने के पीछे कहा जाता है कि एक बार उनके कुछ स्टूडेंट्स ने कहा कि वह 5 सितंबर के दिन उनका जन्मदिन मनाना चाहता हैं तो, उन्होंने कहा था कि मेरा जन्मदिन अलग से मनाने के बजाए मेरा जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो मुझे गर्व महसूस होगा।

बस इसके बाद से ही डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन  के जन्मदिन को 1962 से शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा था।

एस०के० तिवारी, l शिक्षा जगत |PrakashNewsOfIndia.in|
Last Updated: Wed, 2 Sep 2020; 12:14:00 PM
कोरोना वायरस के संकट को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा JEE-Mains की शुरुआत हुई. कोरोना वायरस महामारी के कारण ये परीक्षाएं दो बार टाली जा चुकी हैं. 1 सितंबर से शुरू हुई जेईई मेन्स की परीक्षा के दौरान एग्जाम सेंटर्स पर अलग-अलग गेट से एंट्री और सैनिटाइजर की व्यवस्था दिखी. उम्मीदवार दूरी का ख्याल रखते हुए मास्क के साथ कतारों में नजर आए.

बता दें कि पूरे देश में जेईई मेन्स प्रवेश परीक्षा 1 से 6 सितंबर के बीच निर्धारित है. कई राज्यों की सरकारों ने उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग स्तर पर सुविधाओं का इंतजाम किया है. रेलवे भी उम्मीदवारों की परेशानियों को देखते हुए कई फैसले ले चुका है. मुंबई के बाद बिहार में भी रेलवे ने उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है.

मंगलवार को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर कहा, 'बिहार में JEE Mains, NEET व NDA में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा सेंटर तक आने-जाने की सुविधा हेतु भारतीय रेलवे ने 2 से 15 सितंबर तक 20 जोड़ी MEMU/DEMU स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है.' इसके साथ ही गोयल ने 40 ट्रेनों की लिस्ट भी शेयर की है.

यहां राष्ट्रीय अर्हता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 13 सितंबर को होने जा रही है जबकि अभियांत्रिकी प्रवेश परीक्षा मुख्य (JEE-Mains) 1 से 6 सितंबर तक आयोजित की जा रही है. इस दौरान करीब 8.58 लाख उम्मीदवारों ने JEE-Mains के लिए तथा 15.97 लाख उम्मीदवारों ने NEET के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. 

छत्तीसगढ़ में यात्रा फ्री छत्तीसगढ़ की सरकार ने जेईई और एनईईटी परीक्षाओं में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए फ्री यात्रा की व्यवस्था की है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया कि उम्मीदवारों को उनके क्षेत्र से परीक्षा केंद्रों तक ले जाने-लाने के लिए निशुल्क परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय और जिला परिवहन अधिकारी से समन्वय करने के लिए जिला नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाए ताकि बसों, वैन और अन्य वाहनों की व्यवस्था की जा सके. 

गौरतलब है कि कोविड-19 के प्रसार के कारण जेईई मेन्स और मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के आयोजन को स्थगित करने की मांग की जा रही थी. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा स्थगित करने के संबंध में एक याचिका को खारिज कर दिया था और कहा था कि छात्रों के बहुमूल्य वर्ष को बर्बाद नहीं किया जा सकता

केंद्र सरकार की सांख्यिकी मंत्रालय ने 2020-21 वित्त वर्ष के अप्रैल से जून के बीच के जीडीपी के आंकड़े जारी कर दिए हैं। जारी किये गए आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल से जून के बीच विकास दर यानि जीडीपी में 23.9 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की हुई है। हालांकि आंकड़े आने से पहले ये अनुमान लगाया जा रहा था कि देश में फैली महामारी के कारण इस बार जीडीपी में लगभग 20 % तक की गिरावट हो सकती है। लेकिन सामने आए आंकड़ों ने सभी को चौका दिया। ऐसा क्यों हुआ ये जानने से पहले आसान शब्दों में समझते हैं कि आखिर जीडीपी क्या होती है? 

जीडीपी क्या होती है? 

एक साल में देश के अंदर पैदा होने वाले सभी सामानों और सेवाओं की कुल वैल्यू को ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट यानी सकल घरेलू उत्पाद कहते हैं। आसान शब्दों में कहें तो जीडीपी किसी देश की मार्कशीट की तरह होती है साल में की गयी मेहनत का रिजल्ट बताती है। जीडीपी आर्थिक गतिविधियों के स्तर को दिखाता है और इससे यह पता चलता है कि किन सेक्टरों की वजह से इसमें तेज़ी या गिरावट आई है। इससे ये भी पता चलता है कि किन सेक्टर्स का प्रदर्शन कैसा रहा। 

आगे की क्या स्थिति?

अनुमान ये लगाया जा रहा था कि जीडीपी में 20 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज हो सकती है। लेकिन सामने आये आंकड़े चौकाने वाले निकले। अब इन आंकड़ों के आधार पर ये अनुमान लगाया जा रहा है कि पूरे वर्ष की जीडीपी भी खराब हो सकती है। 1990 के दशक की शुरुआत में आर्थिक स्तिथि में आए सुधार के बाद से भारतीय अर्थव्यवस्था ने हर साल लगभग 7% जीडीपी की बढ़त देखी है। लेकिन इस बार इसमें बदलाव होने की आशंका है। बता दें कि जीडीपी के के ये नए आंकड़े साल 1996 के बाद से सबसे बड़ी गिरावट हैं। 

अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों के जीडीपी का अध्ययन किया गया तो सामने आये डेटा के मुताबिक कृषि मे 3.4% की वृद्धि हुई तो वहीं इसके अलावा अर्थव्यवस्था के दूसरे सभी क्षेत्रों में आय में गिरावट देखी गई है। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र की बात की जाए तो व्यापार, होटल और अन्य सेवाएं, विनिर्माण और खनन आदि  हैं। इस बात में कोई दोराय नहीं हैं कि ये ऐसे क्षेत्र हैं जो देश में सबसे ज्यादा नई नौकरियां प्रदान करते हैं। इन क्षेत्रों में गिरावट का अर्थ है सबसे ज्यादा बेरोजगारी और आय में कटौती होना।

क्या जीडीपी संकुचन का कारण बनता है?

किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में माल की कुल मांग जिसे की जीडीपी कहा जाता हैं। वो विकास के चार इंजनों में से किसी एक से उत्पन्न होती है। इन चार में सबसे बड़ा इंजन है व्यक्तियों की मांग उदाहरण के तौर पर इसे (C) समझ लेते हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था की बात करें तो इस तिमाही से पहले सभी  56.4% था। दूसरा सबसे बड़ा इंजन निजी क्षेत्र के व्यवसायों द्वारा उत्पन्न मांग है। उदाहरण के तौर पर इसे (I) समझ लेते हैं। इसका 32% हिस्सा है।

तीसरा इंजन सरकार द्वारा बनाई गई वस्तुओं और सेवाओं की मांग है। उदाहरण के तौर पर इसे (G) समझ लेते हैं। यह भारत के GDP का 11% हिस्सा है।भारत के निर्यात से आयात घटाने के बाद अंतिम इंजन शुद्ध मांग है। चलो इसे (NX) समझ लेते हैं। यह सबसे छोटा इंजन है लेकिन भारत इसके निर्यात से ज्यादा  आयात करता है इसलिए यह जीडीपी पर नेगेटिव प्रभाव डालती है।

इस आधार पर, कुल जीडीपी = C + I+ G + NX

अब बात करते हैं हाल में भारत की जीडीपी में आई गिरावट के कारणों की तो आपको बता दें निजी खपत 27% तक गिर गया है। वहीं दूसरा सबसे बड़ा इंजन जो कि व्यवसायों द्वारा निवेश है यह पिछले साल की इसी तिमाही का आधा है। इसलिए दो सबसे बड़े इंजन जो कि कुल जीडीपी के 88% से अधिक के लिए जिम्मेदार थे इनमे सबसे ज्यादा गिरावट देखि गई। इसके अलावा बाकी के क्षेत्रों में भी गिरावट दर्ज की गयी है।

डेटा के मुताबिक सरकार का खर्च 16% बढ़ गया था लेकिन अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों से इस नुकसान की भरपाई हो पाना बेहद ही मुश्किल था।

साफ़ देखा जा सकता है कि जब सी और आई की मांग 10,64,803 करोड़ रुपये घट गई तो सरकार का खर्च 68,387 करोड़ रुपये बढ़ गया। जीडीपी में सरकारी खर्च 11% से बढ़कर 18% हो गया है।


अब क्या है तरीका?

जब भी किसी व्यक्ति आय में कमी होती है तो व्यक्ति अपनी जरूरतों और खर्चों में कमी करता है। ऐसा होने से इसका सीधा असर व्यवसायों पर पड़ता है और व्यवसाय ज्यादा पैसा लगाना बंद कर देता है । 

फ़िलहाल की स्थिति को देखते हुए सिर्फ सरकार ही एक मात्र जरिया है जो जीडीपी को बढ़ावा दे सकती है। अगर सरकार पर्याप्त रूप से पर्याप्त खर्च नहीं करती है तो अर्थव्यवस्था को ठीक होने में लंबा समय लगेगा।


किसने बांध रखे हैं सरकार के हाथ? 

कोरोना महामारी के इस संकट से पहले ही सरकारी वित्त को खत्म कर दिया गया था। मतलब साफ़ है सरकार के पास पहले ही पैसा खत्म हो चुका था। ये एक बड़ा कारण है देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति के कमजोर होने की। इसलिए अब संसाधनों को उत्पन्न करने के लिए कुछ नए समाधानों के बारे में सोचना होगा।

साभार--- Instafeed

मुकेश मिश्रा, चंडीगढ़ |PrakashNewsOfIndia.in|
Last Updated: Sun, 30 Aug 2020; 08:10:00 PM
चंडीगढ़: कल सेक्टर 25 में सिलेंडर फटने से आग लगने के कारण 10 से 12 झोपड़ी में आग लग गई और जिसके कारण बहुत भारी नुकसान हो गया। पक्ष -विपक्ष  राजनेता एवं चंड़ीगढ़ प्रशासन में अभी तक मानवता देखने को नहीं मिली। आग ने उन लोगो का सब कुछ जला कर खाक कर दिया। प्रशासन की तरफ से अभी तक उनको कोई मदद नहीं मिली । इस बात से वहाँ के लोगो मे काफी रोष दिखा ।
चंड़ीगढ़ की कुछ समाज सेविका संस्थाओ ने आगे आकर इन लोगो की मदद की है।

जीवन ज्योति वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष ज्योति हंस वहां पहुंची उनको राशन बांटा आगे भी मदद करने का आश्वासन दिया। ज्योति हंस ने प्रशासन से मांग की है कि सेक्टर 25 में आगजनी से प्रभावित लोगों को उचित आर्थिक सहायता का प्रबंध किया जाए। जीवन ज्योति वेलफेयर सोसायटी की अध्यक्ष ज्योति हंस जी के साथ कविता बागड़ी ,चंदा गौतम ,दीपा ,अंजू बुशरा ,अंसारी मौजूद रही ।

PrakashNewsOfIndia.in
Last Updated: Sun, 23 Aug 2020; 01:36:00 PM 

नई दिल्ली: भारत में कोरोना वैक्सीन को सीरम इंस्टीट्यूट तैयार कर रहा है और यह 73 दिनों में बाजार में आ जाएगी। इस वैक्सीन का नाम  'कोवीशील्ड' दिया गया है। भारतीयों को राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत यह वैक्सीन मुफ्त में लगायी जायेगी। इस कार्यक्रम का खाका सरकार ने तैयार कर लिया है।
एक रिपोर्ट के अनुसार वैक्सीन बनाने वाले इंस्टिट्यूट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार ने हमें 'विशेष विनिर्माण प्राथमिकता लाइसेंस' और 58 दिनों में परीक्षण पूरा करने के लिए परीक्षण प्रोटोकॉल प्रक्रियाओं में सहायता की।
उन्होंने यह भी बताया कि इस वैक्सीन का निर्माण अब अंतिम चरण में है । अंतिम परीक्षण डाटा दूसरे खुराक से 15 दिनों बाद सामने आ जाएगा। उस समय तक, हम 'कोवीशील्ड' को बाजार में उतारने की योजना बना रहे हैं।

एस०के० तिवारी, विश्व की खबर |PrakashNewsOfIndia.in|
Last Updated: Sat, 22 Aug 2020; 02:58:00 PM
नेपाल में 16 तरह की कछुए की प्रजातियां पाई जाती हैं, इनमें 4 ऐसी हैं जो विलुप्ति की कगार पर हैं
नेपाल में सुनहरे रंग वाले कछुए की खोज हुई है।
नतीजा, यह सुनहरा दिखाई दे रहा है। नेपाल के टॉक्सिनोलॉजी एसोसिएशन के एक अधिकारी के मुताबिक, नेपाल में इस कछुए में 'क्रोमैटिक ल्यूसिज़्म' का यह पहला और दुनियाभर का केवल पांचवां मामला है।

क्या होता है क्रोमैटिक ल्यूसिज्म
क्रोमैटिक ल्यूसिज़्म उस स्थिति को कहते हैं, जब शरीर को रंग देने वाला तत्व ही बिगड़ जाता है। ऐसी स्थिति में स्किन सफेद, हल्की पीली या इस पर चकत्ते पड़ जाते हैं। लेकिन नेपाल में मिले कछुए में पीला रंग अत्यधिक बढ़ गया है। इसलिए यही रंग हावी है और यह सुनहरा दिख रहा है।
कमल देवकोटा के मुताबिक, ऐसा माना जाता है कि भगवान विष्णु ने ब्रह्मांड को विनाश से बचाने के लिए कछुए का रूप धरा था। हिन्दु मान्यताओं के मुताबिक, कछुए के ऊपरी हिस्से को आकाश और निचले हिस्से को धरती माना जाता है।

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