مايو 2023

 


वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में कुलपति आवास के सामने LLB का छात्र अवधेश देव पाण्डेय अपने साथियों के साथ न्याय के लिए धरने पर बैठ गये। छात्रों का आरोप है कि भगवान दास छात्रावास के वार्डन ने निराधार कारण बता कर छात्रावास का आवंटन निरस्त कर दिया हैं। 

धरने पर बैठे पीड़ित छात्र अवधेश देव पाण्डेय ( एलएलबी चतुर्थ सेमेस्टर) ने कहा कि उन्हें भगवान दास छात्रावास में कक्ष क्रमांक 75 आवंटित था। छात्र ने बताया कि 24/11/2022 को छात्रावास में प्रशासनिक संरक्षक द्वारा सुबह अपने कार्यालय में बुलाकर छात्रावास से निष्कासित किए जाने का आदेश दे दिया गया, कारण पूछने पर बताया गया कि प्रार्थी द्वारा दिनांक 23/11/2022 की मध्यरात्रि को अपना जन्मदिन मनाया गया और इस दौरान एक अन्य छात्र द्वारा बाथरूम  का कांच तोड़ दिया  और छात्र का कहना है कि पिछले 7 महीने से कुलपति सहित विभिन्न अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी जिसके बाद मजबूरी में उन्हें अपने साथियों के साथ कुलपति आवास के बाहर न्याय की मांग करते हुए धरने पर बैठना पड़ा। 

धरने के तीसरे दिन प्रॉक्टोरियल बोर्ड द्वारा सुबह आकर पुलिसिया धमकी व कार्रवाई की धमकी देकर धरना खत्म करने के लिए कहा गया जिससे पूरे विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न संकाय से  करीब 500 छात्र  अवधेश देव पांडे को समर्थन देने के  लिए आए व कुलपति आवास से लेकर सिंह द्वार तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन जताया गया तथा छात्रों ने कहा कि अगर अवधेश पांडे को विश्वविद्यालय प्रशासन न्याय नहीं देता है तो भविष्य में इससे भी उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।



प्रयागराज: सैम हिग्गिनबॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर नैनी प्रयागराज  के फल विज्ञान के प्रोफेसर डॉक्टर बी एम प्रसाद ने नैनी स्थित एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में पूर्वी प्रजाति के लीची के पौधों का रोपण किया था, जिसमें वर्तमान समय में पूर्ण विकसित फल आ गए हैं। प्रयागराज क्लाइमेटिक जोन में इस प्रकार लीची के पौधे से फल प्राप्त करना अपने आप में किसी चमत्कार से कम नहीं है। 

आइए जानते हैं प्रो. वी एम प्रसाद से लीची के फल उत्पादन के बारे में....



प्रोफेसर डॉक्टर बी एम प्रसाद बताया कि लीची गर्मियों का एक प्रमुख फल है। स्वाद में मीठा और रसीला होने के साथ ही ये सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है. लीची में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन सी, विटामिन ए और बी कॉम्प्लेक्स भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा इसमें पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और आयरन जैसे मिनरल्स भी पाए जाते हैं।रोजाना लीची खाने से चेहरे पर निखार आता है और बढ़ती उम्र के लक्षण कम नजर आते हैं. इसके अलावा ये शारीरिक विकास को भी प्रोत्साहित करने का काम करता है.

फलों का एक तरफ जहां पोस्टिक महत्व है वही फल प्राकृतिक सुंदरता को भी बढ़ाते हैं जिसका असर मानव जीवन पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पड़ता है। प्रो. बी एम प्रसाद ने  बताया कि उन्होंने पूर्वी  प्रजाति के लीची के पौधों को 7 साल पहले लगाए हुआ था तब से लेकर अब तक उन्होंने लीची के इन पौधे पर विभिन्न प्रकार के ट्रीटमेंट किए जिसके परिणाम स्वरूप आज इस पूर्वी प्रजाति के पौधे में फल आया और फल पूरी तरह अपने आकार में है। प्रयागराज क्लाइमेटिक जोन में लीची के उत्पादन से किसानों को लीची उत्पादन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा इस प्रकार किसान अब प्रयागराज में ही लीची का उत्पादन कर अच्छे दामों में इसे बेचकर अपनी आय को दुगनी करेंगे ।


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