August 2019



सुल्तानपुर:उत्तर प्रदेश के  सुल्तानपुर स्थित पं राम नरेश त्रिपाठी सभागार  में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने अपना 55 वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय संगठन मंत्री अम्बरीष जी ने कहा कि 1964 में वीएचपी की स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि वीएचपी की स्थापना का कारण था देश में सनातन धर्म की स्थापना और राम मंदिर निर्माण।अम्बरीष ने कहा, 'इस लक्ष्य तक पहुंचे बिना हम अपने कर्त्तव्य से पीछे हटने वाले नहीं हैं। वीएचपी राष्ट्र और समाज को एक सूत्र में निरूपित करने के महाअभियान को लेकर चल रही है।

''अस्थाई मंदिर तो कारसेवकों ने बना दिया ,अब भव्यता बाकी' 
अम्बरीष ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर कारसेवकों ने अस्थाई तौर पर ही सही मंदिर तो बना ही दिया है, बस उस स्थान को भव्यता देना शेष है। जिसकी प्रतिक्षा हिन्दू समाज लगातार अपनी आहूति देकर करता आ रहा है। आज श्रीराम जन्मभूमि पर विराजमान रामलला को टेंट में देखकर हम सभी को पीड़ा हो रही है। समाज अपने संघर्षों को सदैव स्मरण करेगा और इस महाआंदोलन को तुष्टिकरण की भेंट भी नहीं चढ़ने दिया जाएगा। उन्होंने कहा आज सर्वोच्च न्यायालय में नियमित सुनवाई हो रही है। साक्ष्य श्रीराम लला के पक्ष में हैं। मंदिर निर्माण होकर रहेगा। 

"धारा 370 हटाने" को बताया विस्थापितो की औषधि,"बोला कांग्रेस पर हमला"
अम्बरीषजी ने कहा कि विगत दिनों केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को दफन कर पीड़ित और विस्थापित कश्मीरी पंडितों के घाव में जहां 'औषधि' लगाई, वहीं भारत की एकता अंखडता का सम्मान विश्व में बढ़ाया।इस ऐतिहासिक कार्यो का विरोध वे लोग कर रहे है जिनके पुरखो ने रातो रात इमरजेन्सी लगाकर लोकतन्त्र का कत्लेआम किया।सत्ता का गलत इस्तेमाल किया। इसके दौरान खूब कत्लेआम हुआ। उन्होने बताया कि इनको इन लोगो को आज जब देश के सम्पूर्ण हिस्सो मे एक संविधान एक झंडा की व्यावस्था बन गई है तो वही आज इनको जमूरियत खतरे मे नजर आ रही है। इनको 1990 मे कुछ नही दिखा जब लाखो लोग कश्मीर से अपने घर सम्पत्ति को छोडकर अन्य राज्यो मे शरणार्थियो की तरह जीवन जी रहे थे।आज जब सही मायने मे जमूरियत कि स्थापना हुई, पीड़ित और विस्थापित कश्मीरी पंडितों के घाव में जहां 'औषधि' लगाई, वहीं भारत की एकता अंखडता का सम्मान विश्व में बढ़ाया गया तो इन्हे लोकतंत्र खतरे मे लग रहा है।

 कार्यक्रम का संचालन सोहन लाल ने किया। इस दौरान  शुभनारायन वीएचपी प्रान्त अध्यक्ष काशी प्रान्त, एडवोकेट नागेन्द्र सिह वीएचपी जिला अध्यक्ष, उमाकान्त वीएचपी विभाग संगठन मंन्त्री,आन्नद प्रकाश शुक्ला वीएचपी प्रान्त सुरक्षा प्रमुख, संजय तिवारी, सौरभ पाण्डेय 'मुनी',सुशील सिह ,रमेश दूबे, गोपाल,डा शिव जी,अनुराग उपाध्याय,प्राशान्त गौरव,नरेन्द्र जायसवाल,राजेश्वर सिह समेत सैकडो की संख्या मे हिन्दू जनमानस उपस्थित रहा । उक्त जानकारी विहीप मीडिया प्रभारी शुभम तिवारी ने दी।

                      24अगस्त 2019

सुलतानपुर:  गनपत सहाय महाविद्यालय मे आज डा राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय क्रीडा परिषद के तत्वाधान मे अन्तर महाविद्यालय टेबल टेनिस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप मे  वरिष्ठ भाजपा नेता महाविद्यालय के प्रबंधक माननीय ओम प्रकाश पाण्डेय "बजरंगी जी" उपस्थित रहे ।इस अवसर पर  बीपीएड विभाग के विभागाध्यक्ष डा रवीन्द्र शुक्ला ने मुख्य अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता महाविद्यालय के प्रबंधक माननीय ओम प्रकाश पाण्डेय "बजरंगी जी" का स्वागत बैच लगाकर किया।


   खिलाडियो का परिचय प्राप्त करते हुए मुख्य अतिथि

इस कार्यक्रम के शुभ अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता महाविद्यालय के प्रबंधक माननीय ओम प्रकाश पाण्डेय "बजरंगी जी"ने खिलाडियो से हाथ मिलाकर परिचय जाना, और खिलाडियो को बताया कि खेल को हार-जीत कि भावना से नही अपितु खेल की भावना से खेलना चाहिए।


इसके उपरान्त खेल का शुभारम्भ महाविद्यालय के प्रबंधक वरिष्ट भाजपा नेता ओम प्रकाश पाण्डेय बजरंगी के द्वारा टेबल टेनिस  को खेल कर किया गया ।
इस अवसर पर विभाग बीपीएड विभाग के विभागाध्यक्ष डा रवीन्द्र शुक्ला, प्रतियोगिता पर्वेक्षक धीरेन्द्र पुरूषोत्म, निर्णायक प्रमोद सिह यादव,,प्रध्यापक विक्रमादित्य यादव आदि उपस्थित रहे।

नई दिल्ली: पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का 66 साल की उम्र में निधन हो गया है. उनको बीते 9 अगस्त को दिल्ली के एम्स में भर्ती करवाया गया था. उस समय उनको सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. लेकिन अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई. कुछ साल पहले ही उनकी बैरियाट्रिक सर्जरी की गई थी. बता दें कि पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) की हालत बीते शुक्रवार को ही बिगड़ गई थी. अरुण जेटली को सांस लेने में तकलीफ को लेकर नौ अगस्त को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था. उनका बीते गुरुवार को डायलसिस किया गया था. शुक्रवार को भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमा भारती ने एम्स पहुंचकर अरुण जेटली के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सहित कई वरिष्ठ नेता एम्स पहुंचकर जेटली का हालचाल ले चुके हैं.  

आपको बता दें कि सांस लेने में तकलीफ और बेचैनी की शिकायत के बाद नौ अगस्त को उन्हें एम्स में भर्ती किया गया था. इस साल मई में जेटली (Arun Jaitley) को इलाज के लिये एम्स में भर्ती कराया गया था. जेटली पेशे से एक वकील हैं और वह भाजपा सरकार के पहले कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल का अहम हिस्सा रहे थे. उन्होंने वित्त एवं रक्षा दोनों मंत्रालयों का कार्यभार संभाला था और उन्होंने प्राय: सरकार के प्रमुख संकटमोचक के तौर काम किया.  

70 के दशक से मुड़कर पीछे नहीं देखा


अरुण जेटली का पूरा नाम अरुण महाराज किशन जेटली है। sixty six साल के अरुण जेटली की छात्र जीवन से ही राजनीति में रुचि रही और 1973 के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट जेवियर कालेज के विद्यार्थी जेटली ने श्रीराम कालेज से बीकाम में दाखिला लिया। बीकॉम करने के बाद वह दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी में प्रवेश लिया और 1977 में लॉ ग्रेजुएट की डिग्री पाने से पहले अरुण जेटली ने राजनीति में भी काफी कुछ हासिल कर लिया था, वह अखिल भारतीय विद्याथी परिषद से भी जुड़े थे। 


1974 में चुने गए दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष 

1974 में वह दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गए और 1975-77 के दौरान वह देश में लगे आपात काल के दौरान प्रीवेंशन और आफ डिटेंशन का सामना करने वाले भी बने। जेल से रिहा हुए तो जनसंघ के सक्रिय सदस्य बने। राजनरायण और जय प्रकाश नारायण के शुरू किए आंदोलन में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले बने। जयप्रकाश जी द्वारा बनाई गई नेशन कमेटी फॉर स्टूडेंट के संयोजक भी बनाए गए। लेकिन इसके बाद अरुण जेटली ने अपना ध्यान प्रोफेशनल कॉरियर बनाने में लगाया।

हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट में वकालत

80 के दशक में अरुण जेटली ने देश के विभिन्न हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट में बतौर वकील अपनी पहचान बनाई। जनवरी 1990 में वह दिल्ली हाईकोर्ट के नामित वरिष्ठ अधिवक्ता बने। 1989 में तत्कालीन वीपी सिंह की सरकार ने जेटली को देश का एडिशनल सॉलीसीटर जनरल बनाया। वकालत के कॉरियर में जेटली शरद यादव (तब जनता दल), लालकृष्ण आडवाणी (भाजपा), माधव राव सिंधिया (कांग्रेस) के वकील रहे। तमाम नामी कंपनियों के वकील रहे और अपनी जगह बनाई।
फिर लौटे राजनीति की तरफ
वकालत के करियर को धार देने के बाद अरुण जेटली ने फिर राजनीति की तरफ समय देना शुरू किया। 1991 में वह भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल हुए। 1999 में अरुण जेटली को पार्टी ने राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया। लोकसभा चुनाव के बाद देश में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए के बैनर तले भाजपा सत्ता में आई। अटल जी के नेतृत्व वाली इस सरकार में अरुण जेटली को सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मिला। वह विनिवेश राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भी बने। बाद में, जेटली को विधि एवं न्याय मंत्रालय में मंत्री बनाया गया और नवंबर 2000 में तत्कालीन कानून मंत्री राम जेठमलानी के त्यागपत्र देने के बाद जेटली को केंद्रीय कानून मंत्री की जिम्मेदारी मिली। 2002 में जेटली फिर भाजपा के संगठन में चले गए 2003 में फिर वाजपेयी मंत्रिमंडल में शामिल हुए। इस बार उन्हें वाणिज्य मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया।
2009 से भरी राजनीतिक उड़ान
जून 2009 में अरुण जेटली राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष बने। जेटली ने राज्यसभा में नेता विपक्ष के तौर अपनी सूझ-बूझ और राजनीतिक कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। कहा जाता 2013 में वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में सशक्त तरीके से लाने वाले प्रमुख रणनीतिकारों में थे। पर्दे के पीछे रहकर जेटली ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए केंद्रीय राजनीति में तमाम मोहरे फिट करते रहे। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद जेटली ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के गठन में अहम भूमिका निभाई। 2014-19 तक केन्द्र सरकार के संकट मोचक बने रहे।

2014 से धोखा देता रहा स्वास्थ्य

अरुण जेटली का स्वास्थ्य 2014 से उन्हें धोखा देता रहा। अनियंत्रित डायबिटीज से निजात पाने के लिए सितंबर 2014 में गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी कराई। इसके कुछ समय बाद मई 2018 में जेटली को किडनी की बिमारी से परेशान होकर किडनी ट्रांसप्लांट के दौर से गुजरे। 2019 के जनवरी महीने में उन्हें एक और गंभीर बिमारी ने घेर लिया। वह साफ्ट टिश्यू कैंसर की गिरफ्त में आ गए। स्वास्थ्य वजहों के चलते जेटली ने 2019 में दोबारा सत्ता में आने पर मोदी सरकार की कैबिनेट में न जाने की इच्छा जताई। पिछली nine अगस्त से वे एम्स के गहन चिकित्सा कक्ष में गंभीर आवस्था में भर्ती थे।

पंजाबी खाने के शौकीन, लड़े बस एक लोकसभा चुनाव

पंजाबी खाने के शौकीन अरुण जेटली ने जीवन में केवल एक बार लोकसभा का चुनाव लड़ा। 2014 में उन्होंने अमृतसर से कांग्रेस पार्टी के कैप्टन अमरिंदर सिंह को चुनौती देने की ठानी, लेकिन चुनाव हार गए। नरम मिजाज में रहकर गंभीर फैसले लेने वाले जेटली को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बेहद करीबी माना जाता है। बताते हैं कि अरुण जेटली को भी ओवर ईटिंग की आदत थी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसे लेकर हमेशा संवेदनशील रहते थे।

वह जेटली की इस आदत से उन्हें बाहर लाने के लिए जेटली की पत्नी और बेटी से बात करके उन्हें जिम्मेदारी सौंपते थे। जानकार बताते हैं कि जेटली को अमृतसारी नॉन, छोले-भटूरे, छोले-कुल्चे काफी अच्छे लगते थे। बताते हैं जेटली के स्वादिष्ट खाने की पसंद के चलते उनकी डायबिटीज करीब दस साल तक अनियंत्रित रही

18 अगस्त  
सुल्तानपुर:पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद मेनका गांधी ने जिले की twenty three बड़ी व forty two छोटी सड़कों का निर्माण कराने के लिए दो केंद्रीय मंत्रियों को प्रस्ताव भेजा है। सांसद ने दोनों मंत्रियों से प्रस्ताव की स्वीकृति के साथ बजट जारी करने की अपेक्षा की है। रविवार को आयोजित सांसद जिला विकास समिति की बैठक में सांसद प्रतिनिधि ने ये जानकारी दी।

जिला पंचायत सभागार में रविवार को सांसद जिला विकास समिति की बैठक आयोजित हुई। इसमें सांसद मेनका गांधी के प्रतिनिधि रणजीत कुमार ने समिति सदस्यों के साथ अभी तक कराए गए विकास कार्यों व निर्माणाधीन कार्यों पर चर्चा की। सांसद प्रतिनिधि ने समिति सदस्यों से विधानसभावार कराए जाने वाले कार्यों की सूची पार्टी कार्यकर्ताओं की सलाह पर उपलब्ध कराने को कहा है। 
बताया कि सांसद ने संसदीय क्षेत्र की twenty threeबड़ी व forty two छोटी सड़कों का निर्माण कराने का प्रस्ताव दो केंद्रीय मंत्रियों के पास भेजा है। इन सड़कों के निर्माण की स्वीकृति के साथ ही धनराशि आवंटित होते ही निर्माण शुरू हो जाएगा। बताया कि सांसद का जोर शिक्षा, स्वास्थ्य व विकास पर है। उन्होंने समिति सदस्यों से कराए जा रहे विकास कार्यों पर भी नजर रखने की अपेक्षा की है। 
मीडिया प्रभारी विजय सिंह रघुवंशी ने बताया कि twenty four अगस्त को सांसद मेनका गांधी जिले के दो दिवसीय दौरे पर आएंगी। उनके दौरे को लेकर तैयारी बैठक twenty one अगस्त को पार्टी कार्यालय पर होगी। बैठक में पूर्व जिलाध्यक्ष करुणा शंकर द्विवेदी, पूर्व विधायक अर्जुन सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शिवकुमार सिंह, प्रवीण अग्रवाल, शशिकांत पांडेय, श्याम बहादुर पांडेय, इंद्रदेव मिश्र आदि मौजूद रहे
 By report
राम भवन प्रजापती













सुल्तानपुर/कुशभवनपुर: सन 1964 में जन्माष्टमी के दिन विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना हुई थी. तब से हर साल विहिप इस दिन विशेष आयोजन करता है. इस वर्ष भी 29 अगस्त  के दिन विहिप अपने लक्ष्य हिंदू और हिंदू समाज के विकास को लेकर आत्मचिंतन और आत्ममंथन करेगा। विश्व हिंदू परिषद के विभाग संगठन मंन्त्री उमाकान्त जी ने बताया कि मुख्य अतिथि के रूप में माननीय अम्बरीष जी क्षेत्र संगठन मंत्री विहिप पूर्वी उत्तर प्रदेश का आगमन सुनिश्चित हुआ है।विश्व हिंदू परिषद की स्थापना कब  औऱ क्यो  की गई और विश्व हिंदू परिषद का कार्य क्षेत्र क्या है? इसकी विस्तार से चर्चा और मार्गदर्शन मिलेगा मुख्य अतिथि जी के द्वारा ।
  स्थापना दिवस 29 अगस्त कार्यक्रम की रूपरेखा
कार्यक्रम कि तिथि : 29 अगस्त 2019
कार्यक्रम का समय : 12 बजे दोपहर
कार्यक्रम का स्थान: पंडित राम नरेश सभागार


संक्षिप्त इतिहास:विश्व हिंदू परिषद 

विश्व हिंदू परिषद की स्थापना 1964 में हुई। इसके संस्थापकों में स्वामी चिन्मयानंद, एसएस आप्टे, मास्टर तारा हिंद थे। पहली बार 21 मई 1964 में मुंबई के संदीपनी साधनाशाला में एक सम्मेलन हुआ। सम्मेलन आरएसएस सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर ने बुलाई थी। 
इस सम्मेलन में हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध के कई प्रतिनिधि मौजूद थे। सम्मेलन में गोलवलकर ने कहा कि भारत के सभी मताबलंवियों को एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हिंदू हिंदूस्तानियों के लिए प्रयुक्त होने वाला शब्द है और यह धर्मों से ऊपर है।[
संगठन के उद्देश्य और लक्ष्य कुछ इस तरह तय किए गये

  1. हिंदू समाज को मजबूत करना
  2. हिंदू जीवन दर्शन और आध्यात्म की रक्षा, संवर्द्धन और प्रचार
  3. विदेशों में रहनेवाले हिंदुओं से तालमेल रखना, हिंदू और हिंदुत्व की रक्षा के लिए उन्हें संगठित करना और मदद
 ऐसे होगा स्थापना दिवस कार्यक्रम का आयोजन

वीएचपी के स्थापना दिवस के दिन रैली, मशाल जुलूस, प्रभात फेरी, सत्संग जैसे कई समारोह आयोजित किए जाएंगे. इन कार्यक्रमों में गोलवलकर के आदर्शों की भी चर्चा की जाएगी. जम्मू कश्मीर से धारा 370 को खत्म किए जाने का भी इन कार्यक्रमों में जश्न मनाया जाएगा. इस आयोजन में विहिप, बजरंग दल, दुर्गा वाहिनी, हिंदू वाहिनी सेना के केंद्रीय पदाधिकारी, कार्यकर्ता और साधू संत शामिल होंगे.

    शुभम तिवारी 
मीडिया प्रभारी:विहिप



सुलतानपुर 18 अगस्त: जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती द्वारा आज थाना नगर कोतवाली का आकस्मिक निरीक्षण कर विभिन्न अभिलेखों/पंजिकाओं आदि का सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान श्रवण कुमार दीवान द्वारा विभिन्न रजिस्टर को समयान्तर्गत अपडेट न किये जाने के फलस्वरूप कठोर चेतावनी के साथ 14 दिन में सभी रजिस्टर अपडेट करने के निर्देश जिलाधिकारी ने दिया, जबकि शीतल सिंह काॅन्स्टेबल के द्वारा किये जा रहे अभिलेखों का अपडेशन सही पाये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रशस्त्रि पत्र देकर सम्मानित किया जाये। उन्होंने थाना के समस्त अभिलेखों/रजिस्टर आदि को समय से अपडेट करने, उसके सही ढंग से रख-रखाव के साथ-साथ साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश प्रभारी निरीक्षक/एस0एस0आई0 को दिये। 
जिलाधिकारी द्वारा थाना नगर कोतवाली के निरीक्षण के समय रजिस्टर नं0-04 का अवलोकन/सत्यापन किया, जिसमें 848 एफ0आई0आर0 दर्ज पाये गये। उन्होंने दर्ज एफ0आई0आर0 की विवेचना प्रक्रिया जो लंबित चल रही है उसे यथाशीघ्र निस्तारित कराने के निर्देश दिये। उन्हांेने सीताकुण्ड पुलिस चैकी के 27 एफ0आई0आर0 प्रकरण लंबित पाये जाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और निर्देश दिया कि यथाशीघ्र निस्तारण कराये जायें। उन्होंने रजिस्टर नं0-04 के इंडेक्स काॅलम में मजिस्ट्रेट के निरीक्षण का नहीं बना था, जिसकों डीएम ने अपने सामने बनवाकर अवलोकित किया। उन्होंने अपराध रजिस्टर, आयुद्ध, महिला उत्पीड़न रजिस्टर, गैंगेस्टर रजिस्टर, त्यौहार रजिस्टर, आर्डर बुक न्यायालय रजिस्टर, शस्त्र लाइसेन्स, चरित्र सत्यापन पंजिका, पासपोर्ट रजिस्टर, एस0सी0/एस0टी0 रजिस्टर, जमानत सत्यापन रजिस्टर, सम्पूर्ण समाधान दिवस/समाधान दिवस, आई0जी0आर0एस0, ग्राम अपराध रजिस्टर, स्टाफ स्थिति आदि का निरीक्षण कर अभिलेखों का सही ढंग से रख-रखाव तथा अन्य आवश्यक दिशा निर्देश प्रभारी निरीक्षक के0बी0 सिंह व एसएसआई सीताराम यादव सहित पुलिस कर्मियों को दिये।
जिलाधिकारी ने त्यौहार रजिस्टर, एस0सी0/एस0टी0 रजिस्टर, रजिस्टर नं0-04, मालखाना पंजिका आदि अपडेट न होने के कारण श्रवण कुमार दीवान को कठोर चेतावनी देते हुए एक दिन का वेतन रोकने के साथ निर्देशित किया कि 14 दिन सभी पंजिकाएं/अभिलेख अपडेट कर दिये जायें। उन्होंने पुराने प्रकरणों का यथाशीघ्र निस्तारण का निर्देश प्रभारी निरीक्षक/एसएसआई को दिये। उन्होंने थाना कार्यालय/परिसर, आई0जी0आर0एस0 प्रकोष्ठ, महिला हेल्पलाइन, शस्त्रागार, बन्दीगृह, महिला शौंचालय आदि का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया कि महिला शौंचालय एवं बन्दीगृह में साफ-सफाई तथा पानी की व्यवस्था न होने से कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देश दिया कि यथाशीघ्र साफ-सफाई, पानी की व्यवस्था, लाइटिंग (प्रकाश) के साथ-साथ थाना परिसर में दो पहिया एवं चार पहिया वाहन जो पुराने हैं उनकी नीलामी यथाशीघ्र करायी जाये तथा परिसर को साफ-सुथरा रखा जाये। उन्होंने कहा कि अगले माह में मेरे निरीक्षण के दौरान यदि कोई अभिलेख अपूर्ण मिले अथवा साफ-सफाई में कमी पायी गयी, तो सम्बन्धित के विरूद्ध कठोर कार्यवाही निश्चित ही की जायेगी, जिसके लिये वह स्वयं जिम्मेदार होंगे।   
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जिला सूचना कार्यालय सुलतानपुर द्वारा जनहित में प्रसारित।


अखण्ड भारत का प्रतीकात्मक मानचित्र

सुल्तानपुर/कुशभवनपुर: विश्व हिदू परिषद और बजरंग दल की कुशभवनपुर शाखा ने मंगलवार को पंचमुखी चौराहे पर पंचमुखी हनुमान मंदिर पर अखंड भारत का मानचित्र बनाकर द्वीप चलाकर अखंड भारत संकल्प दिवस का आयोजन किया गया।  

डाॅ विनय मिश्रा जी द्वारा अखण्ड भारत का प्रतीकात्मक मानचित्र। कार्यक्रम में आने वाले लोगों का कार्यकर्ताओं की ओर से तिलक लगाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में सभी लोगों ने अखंड भारत के चित्र के आगे पुष्पांजलि अर्पित कर अखंड भारत के प्रति अपनी भावना का इजहार किया। 
विश्व हिदू परिषद जिला सुल्तानपुर के विभाग संगठन मंन्त्री उमाकान्त जी ने कहा कि विहिप और बजरंग दल अखंड भारत संकल्प दिवस का कार्यक्रम पूरे भारतवर्ष में हर स्थान पर आयोजित कर प्राचीन भारत के अखंड स्वरूप को दर्शाकर उसके सम्मान को विश्व में पुनस्र्थापित करना चाहते हैं। 
 संगठन मंत्री ने बताया कि आज से पांच हजार साल पहले हिदू राजाओं का संपूर्ण आर्यावर्त जम्बू द्वीप पर शासन होता था, जो पश्चिम में अफगानिस्तान, पाकिस्तान, पाक गुलाम कश्मीर से लेकर पूर्व में नेपाल, भूटान, म्यांमार तक तथा उत्तर में अक्साई चीन, तिब्बत से लेकर दक्षिण में श्रीलंका तक फैला हुआ था। कालांतर में अपनी गलतियों और आपसी फूट के कारण यह हिमालय से हिद महासागर तक छोटा सा जमीन का टुकड़ा रह गया है। इसीलिए सभी लोगों ने कार्यक्रम में भाग लेकर अखंड भारत का संकल्प धारण किया। 
इस अवसर पर नागेन्द्र जिलाध्यक्ष ,आनन्द प्रकाश शुक्ला सुरक्षा प्रमुख काशी प्रान्त,आशीष श्रीवास्तव जिला उपाध्यक्ष , सन्तोष सिंहजी विभाग उपाध्यक्ष राजेश्वर विभाग उपाध्यक्ष , सुशील जी जिला सह संयोजक , अनुरागजी जिला संयोजक ,शिवजी सेवा प्रमुख , हरिशंकर तिवारी प्रखण्ड अध्यक्ष कुड़वार , रोहित तिवारी प्रखण्ड संयोजक दूबेपुर , राजकुमार सोनी जिला सहसंयोजक , प्रशांत श्रीवास्तव नगर संयोजक ,रमेश दूबे विभागमन्त्री ,संजय तिवारी ,डा विनय मिश्रा समेत सैकडो की संख्या मे हिन्दू जनमानस एकत्रित हुआ।
उक्त जानकारी विहीप/बजरंग दल मीडिया प्रभारी शुभम तिवारी ने दी।


सुल्तानपुर। शिव योगी चैतन्य फलाहारी मौनी महराज ने ली  55वी भू समाधि ।ब्रह्म मुहूर्त में भगवान शिव की कठोर तपस्या को ली भू समाधि ।



55 बार भू समाधि व14 बार जल समाधि ले चुके है योगी मौनी महराज ।

सीताकुंड घाट पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में ली भू समाधि ।



  • त्रिशूल के घेरे मे ली है समाधि

बीते 17 जुलाई से शुरू हुए सावन मास में कर रहे महानुष्ठान ।

48 घण्टे तक समाधि में रहने का अनुमान ।

पूजा अर्चना हवन के बाद मंत्रोचार के मध्य किया गुफा में प्रवेश ।

सोमवार को सवालाख दीपो से की थी महाकाल की महा आरती ।

सुलतानपुर :विहिप बजरंग दल पूरे देश मे अखण्ड भारत संकल्प दिवस मनाने जा रहा है,इसी क्रम मे सुलतानपुर(कुशभवन पुर ) मे भी अखण्ड भारत संकल्प दिवस मनाया जायेगा।

 विहिप/बजरंग दल के नगर मीडिया प्रभारी शुभम तिवारी ने बताया कि विभाग संगठन मंन्त्री उमाकान्त जी के अनुसार आगामी 13 अगस्त 2019 को रात्रि 10:00 बजे से पंचमुखी चौराहा हनुमान मंदिर पर अखण्ड भारत संकल्प दिवस मनाया जायेगा ।

क्या है अखण्ड भारत का संकल्प ?




आज से मात्र 1255-60 वर्ष पहले तक अखंड भारत की सीमा में अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नेपाल, तिब्बत, भूटान, बांग्लादेश, बर्मा, इंडोनेशिया, कंबोडिया, वियतनाम, मलेशिया, जावा, सुमात्रा, मालदीव और अन्य कई छोटे-बड़े क्षेत्र हुआ करते थे। हालांकि सभी क्षेत्र के राजा अलग अलग होते थे लेकिन कहलाते थे सभी भारतीय जनपद। आज इस संपूर्ण क्षेत्र को अखंड भारत इसलिये कहा जाता है क्योंकि अब यह खंड खंड हो गया है। और, आज जिसे हम भारत कहते हैं, दरअसल उसका नाम हिन्दुस्तान है, जहां इंडियन लोग रहते हैं जिन्होंने मिलकर भारत को जाति, भाषा, प्रांत और धर्म के नाम पर और भी खंड-खंड कर दिया है। 

अखण्ड भारत की भौगोलिक परिकल्पना

 नीचे उल्लेखित श्लोक से अखण्ड भारत की भौगोलिक स्थित का पता चलता है।

 'हिमालयात् समारभ्य यावत् इन्दु सरोवरम्। तं देवनिर्मितं देशं हिन्दुस्थान प्रचक्षते॥- (बृहस्पति आगम)
अर्थात : हिमालय से प्रारंभ होकर इन्दु सरोवर (हिन्द महासागर) तक यह देव निर्मित देश हिन्दुस्थान कहलाता है। इसका मतलब हिन्दुस्थान चंद्रगुप्त मौर्य के काल में था लेकिन आज जिसे हिन्दुस्थान कहते हैं वह क्या है? दरअसल यह हिन्दुस्थान का एक हिस्सा मात्र है।



प्राचीन काल में संपूर्ण जम्बू द्वीप पर ही आर्य विचारधारा के लोगों का शासन था। जम्बू द्वीप के आसपास 6 द्वीप थे- प्लक्ष, शाल्मली, कुश, क्रौंच, शाक एवं पुष्कर। जम्बू द्वीप धरती के मध्य में स्थित है और इसके मध्य में इलावृत नामक देश है। इस इलावृत के मध्य में स्थित है सुमेरू पर्वत।
इलावृत के दक्षिण में कैलाश पर्वत के पास भारतवर्ष, पश्चिम में केतुमाल (ईरान के तेहरान से रूस के मॉस्को तक), पूर्व में हरिवर्ष (जावा से चीन तक का क्षेत्र) और भद्राश्चवर्ष (रूस), उत्तर में रम्यकवर्ष (रूस), हिरण्यमयवर्ष (रूस) और उत्तकुरुवर्ष (रूस) नामक देश हैं।
मिस्र, सऊदी अरब, ईरान, इराक, इसराइल, कजाकिस्तान, रूस, मंगोलिया, चीन, बर्मा, इंडोनेशिया, मलेशिया, जावा, सुमात्रा, हिन्दुस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान का संपूर्ण क्षेत्र जम्बू द्वीप था।

ये सभी क्षेत्र अखण्ड भारत के अंग है जिसे पुनः प्राप्त करने हेतु विहीप/बजरंग दल अखण्ड भारत संकल्प दिवस के रूप मे मनाता है ।


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